ग्वारीडीह से मिले अवशेष की पेंटिंग संग्रहालय को सौंपा, मूल का पता नहीं

भागलपुर संग्रहालय प्रबंधन को डीसीएलआर की ओर से ग्वारीडीह में मिले पुरावशेष की पेंटिंग सौंपी गयी है. मूल अवशेष का पता ही नहीं है.

भागलपुर संग्रहालय प्रबंधन को डीसीएलआर की ओर से ग्वारीडीह में मिले पुरावशेष की पेंटिंग सौंपी गयी है. मूल अवशेष का पता ही नहीं है. संग्रहालय के प्रधान लिपिक अमिताभ मिश्रा ने बताया कि ग्वारीडीह में मिले पुरातात्विक प्रमाण का मूल अवशेष अब तक संग्रहालय को नहीं सौंपा गया है. यह कहां रखा गया है. यह भी नहीं मालूम है. भागलपुर संग्रहालय के पूर्व अध्यक्ष शिव कुमार मिश्र की मानें तो इसे भागलपुर संग्रहालय में रखना चाहिए, लेकिन स्थानीय लोगों के कब्जे में है. संपर्क करने पर मना कर दिया और कहा कि अपना व्यक्तिगत संग्रहालय बनायेंगे. शिव कुमार मिश्र ने बताया कि जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन का यह दायित्व है कि इस क्षेत्र में कहीं कोई पुरावशेष मिले, तो उसे सरकारी संग्रहालय में जमा करना है. पिछले साल ही किशनगंज में मिले ऐतिहासिक मूर्तियों को लाकर भागलपुर संग्रहालय में रखा गया. पेंटिंग में ताम्र बर्तन, मृदा भांड समेत कई ऐसी चीजें मिली है, जो कि पुरावशेष है. इधर प्रधान लिपिक अमिताभ मिश्रा के नेतृत्व में लंबे समय के बाद भागलपुर संग्रहालय के मुख्य द्वार पर आकर्षक साइन बोर्ड लगाया गया है. इससे रात्रि में संग्रहालय से बाहरी लोग अवगत होंगे.

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