पार्ट टू के एक लाख स्टूडेंट्स को अंकपत्र का इंतजार

टीएमबीयू में स्नातक सेमेस्टर वन के पेंडिंग रिजल्ट को लेकर स्टूडेंट्स जहां पहले से ही परेशान हैं. वहीं, दूसरी ओर विवि के तीन सत्र के स्नातक पार्ट टू के करीब एक लाख स्टूडेंट्स को अंकपत्र का इंतजार है. अंकपत्र को लेकर विवि में छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं.

टीएमबीयू में स्नातक सेमेस्टर वन के पेंडिंग रिजल्ट को लेकर स्टूडेंट्स जहां पहले से ही परेशान हैं. वहीं, दूसरी ओर विवि के तीन सत्र के स्नातक पार्ट टू के करीब एक लाख स्टूडेंट्स को अंकपत्र का इंतजार है. अंकपत्र को लेकर विवि में छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. मामले में विवि का कहना है कि कागज की कमी के कारण अंकपत्र तैयार नहीं हो पा रहे हैं. एक लाख अंकपत्र तैयार करने के लिए काफी कागज चाहिए. बताया जा रहा है कि स्नातक 2019-22, 2020-23 व 2021-24 के पार्ट टू के स्टूडेंट्स को अंकपत्र दिया जाना है. हालांकि, पिछले दिनों विवि प्रशासन ने मामले में बैठक कर रजिस्ट्रार को कागज की व्यवस्था कराने के लिए कहा है. विवि ने निर्देश जारी कर कहा कि परीक्षा, रिजल्ट व अंकपत्र को लेकर किसी प्रकार की कोताही बरती जाती है, तो रजिस्ट्रार इसके जिम्मेदार होंगे. वहीं, परीक्षा नियंत्रक डॉ आनंद कुमार झा ने कहा कि कागज की खरीदारी के लिए फाइल रजिस्ट्रार कार्यालय में बढ़ायी गयी है. अंकपत्र के लिए तत्काल कागज की आवश्यकता है. विवि सूत्रों के अनुसार कागज की खरीदारी के लिए स्थानीय बाजार से चार कोटेशन विवि को प्राप्त हुए हैं, लेकिन रजिस्ट्रार व डीओ मुख्यालय में नहीं हैं. मीटिंग के सिलसिले में पटना गये हैं. एफओ का भी होना जरूरी है. सूत्रों के अनुसार तत्काल प्रभाव से पांच लाख तक के कागज स्थानीय बाजार से खरीदा जा सकता है. पार्ट थ्री का अंकपत्र कॉलेजों को भेजा गया परीक्षा नियंत्रक डॉ आनंद कुमार झा ने कहा कि 2020-23 पार्ट थ्री का आर्ट्स संकाय का अंकपत्र तैयार कर गुरुवार से कॉलेजों को भेजा जा रहा है. उन्होंने बताया कि एक दर्जन से अधिक कॉलेजों को अंकपत्र भेजा जा रहा है. अंकपत्र तैयार कर लिया गया है. पेंडिंग रिजल्ट 20 से पहले कर दिया जायेगा निष्पादन परीक्षा नियंत्रक डॉ आनंद कुमार झा ने कहा कि स्नातक सेमेस्टर वन के बचे पेंडिंग रिजल्ट का निष्पादन 20 मई से पहले पूरा कर लिया जायेगा. रिजल्ट सुधार का काम विवि में तेजी से किया जा रहा है. हालांकि, छात्र नेताओं का दावा है कि पांच हजार से अधिक छात्रों का रिजल्ट विवि में पेंडिंग है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

bhagalpur news. किराये के कमरे में युवती ने दुपट्टे से फंदा लगा कर की आत्महत्या

Bhagalpur news यूपीआई से 93 हजार की साइबर ठगी, प्राथमिकी