NTPC में नौकरी लगवाने का दावा पड़ा भारी, 2.11 लाख गंवाने के बाद पुलिस के पास पहुंचा परिवार,आरोपित पर पहले भी केस

एक परिवार ने अपने इंजीनियर बेटे के लिए सरकारी नौकरी का सपना देखा, लेकिन नौकरी दिलाने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने 2.11 लाख रुपये की ठगी कर ली. मामला भागलपुर का है, जहां पीड़ित परिवार ने एसएसपी से शिकायत की है. आरोपी पर पहले भी नौकरी के नाम पर ठगी के गंभीर आरोप हैं.

NTPC Job Fraud: सरकारी नौकरी की चाहत और बेटे की इंजीनियरिंग की डिग्री को एक परिवार ने बेहतर भविष्य की उम्मीद माना था. लेकिन नौकरी दिलाने का दावा करने वाले एक व्यक्ति पर अब 2.11 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है. मामला भागलपुर के सिकंदरपुर का है, जहां कौशल कुमार ने इशाकचक थाना क्षेत्र निवासी मनोज कुमार वर्मा के खिलाफ एसएसपी समेत पुलिस के वरीय अधिकारियों को आवेदन दिया है.

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मनोज वर्मा ने एनटीपीसी का विज्ञापन दिखाकर उनके इंजीनियर बेटे की नौकरी लगवाने का भरोसा दिया और इसके लिए चार लाख रुपये की मांग की. भरोसे में आकर कौशल कुमार ने दिसंबर 2023 में उसके खाते में 2.11 लाख रुपये से अधिक की रकम भेजी. आरोप है कि पैसे लेने के बाद भी नौकरी नहीं लगवायी गयी और रकम मांगने पर टाल-मटोल की जाती रही.

एनटीपीसी का विज्ञापन दिखाकर बनाया भरोसा

कौशल कुमार के अनुसार, मनोज वर्मा ने उन्हें एनटीपीसी में नौकरी से संबंधित विज्ञापन दिखाया था. इसके बाद कहा गया कि उनके इंजीनियर बेटे की नौकरी लगवायी जा सकती है. इसके बदले चार लाख रुपये की मांग की गयी.

शिकायत के मुताबिक, मनोज के कहने पर 29 दिसंबर 2023 को 50 हजार रुपये और 30 दिसंबर 2023 को 1 लाख 50 हजार 11 रुपये उसके खाते में ट्रांसफर किये गये.

आरोप है कि रकम लेने के बाद मनोज ने युवक के शैक्षणिक दस्तावेज भी अपने पास रख लिये. परिवार को उम्मीद थी कि नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

नौकरी नहीं लगी तो रुपये मांगने पर टालने लगा

जब काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी तो कौशल कुमार ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की. शिकायत के अनुसार, इसके बाद मनोज वर्मा कथित तौर पर उन्हें टालता रहा.

पीड़ित ने आरोप लगाया कि मनोज ने खुद को विजिलेंस का डिप्टी एसपी बताते हुए शिकायत करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी भी दी.

कौशल कुमार ने पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच कराने, आरोपित के खिलाफ कार्रवाई करने और ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की है.

पहले भी नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप

मनोज वर्मा पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का यह पहला आरोप नहीं है. वर्ष 2024 में बांका निवासी स्टेज-4 कैंसर पीड़िता सोनम भारती ने भी उस पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में नौकरी दिलाने के नाम पर 5.60 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया था.

उस मामले में जीरो एफआइआर दर्ज होने के बाद जांच भागलपुर स्थानांतरित की गयी थी. वरीय अधिकारियों के निर्देश पर इशाकचक पुलिस ने मनोज वर्मा के घर छापेमारी कर उसकी लाइसेंसी रायफल भी जब्त की थी.

फिलहाल उसके शहर छोड़कर फरार होने की बात सामने आयी है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

एक और महिला ने तीन लाख रुपये लेने का लगाया आरोप

इसी तरह आनंद मार्ग कॉलोनी निवासी नेहा रंजन ने भी मनोज वर्मा पर उनके पुत्र की नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है. इस मामले में पुलिस ने बाइपास थाना कांड संख्या 119/26 दर्ज कर जांच शुरू की है.

नेहा रंजन के मुताबिक, उनकी मुलाकात मनोज वर्मा से श्रेया गर्ल्स एंड बॉयज हॉस्टल में हुई थी. आरोप है कि उसने खुद को पटना सचिवालय में डीएसपी बताया और बड़े अधिकारियों तथा मंत्रियों से करीबी संबंध होने का दावा किया.

इसके बाद उसने उनके पुत्र की बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया.

एक लाख ऑनलाइन, दो लाख नकद देने का आरोप

नेहा रंजन की शिकायत के अनुसार, नौकरी के लिए छह लाख रुपये की मांग की गयी थी और शुरुआत में तीन लाख रुपये देने को कहा गया. इसके बाद उन्होंने अपूर्व लक्ष्य, प्रीति कुमारी और मनोज कुमार के खातों में यूपीआइ के माध्यम से कुल एक लाख रुपये भेजे.

इसके अलावा दो लाख रुपये नकद देने का भी आरोप है.

शिकायतकर्ता का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया जाता रहा. बाद में मनोज वर्मा फरार हो गया और उसने अपना मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया.

NTPC Job Fraud: अब पुलिस के सामने ठगी के नेटवर्क की जांच की चुनौती

एक के बाद एक सामने आ रहे आरोपों के बाद पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि नौकरी दिलाने के नाम पर कितने लोगों से रकम ली गयी और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

फिलहाल ताजा मामले में कौशल कुमार की शिकायत पर पुलिस स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है. वहीं पहले से दर्ज मामलों और आरोपों की जांच भी पुलिस के स्तर से की जा रही है. आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी.

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By Atul kumar

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