कहलगांव अनुमंडल में 30 सितंबर तक विधिक अभियान: जानीडीह स्कूल में छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार, देखें रिपोर्ट

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की 'जागृति योजना' के तहत जानीडीह के इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य आम नागरिकों और छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग करना है.

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की 'जागृति योजना' के तहत आम नागरिकों और छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग करने के उद्देश्य से जानीडीह स्थित इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया.

यह शिविर अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार (एसडीएलएससी), कहलगांव के तत्वावधान में तथा अवर न्यायाधीश सह अध्यक्ष अखिलेश कुमार एवं मुंसिफ सह सचिव विकास गौरव के संयुक्त कुशल निर्देशन में आयोजित हुआ.

जनता तक सीधे पहुंचेगा कानूनी ज्ञान, वंचित वर्गों पर विशेष फोकस

शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में पैनल अधिवक्ता अमित कुमार और पराविधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) पवन कुमार ने शिरकत की. उन्होंने उपस्थित शिक्षकों, शिक्षिकाओं और बड़ी संख्या में मौजूद छात्राओं को नालसा की कार्ययोजनाओं से अवगत कराया.

पैनल अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि नालसा की सोच कानूनी ज्ञान को केवल अदालतों और किताबों तक सीमित रखने की नहीं, बल्कि सीधे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की है. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को केवल अज्ञानता या गरीबी के कारण न्याय और मौलिक अधिकारों से वंचित न रहना पड़े. समाज के जरूरतमंद, कमजोर और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता दिलाने के लिए प्राधिकार लगातार तत्पर है.

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान: आशा व पीएलवी यूनिट की सक्रिय भागीदारी

शिविर के दौरान नालसा द्वारा संचालित 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया.

अधिवक्ता ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के विभिन्न कानूनी प्रावधानों, कड़ी सजाओं और इसके सामाजिक-शारीरिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिकारियों (सीएमपीओ) की निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं और पैरा-लीगल वॉलंटियर्स की संयुक्त 'आशा यूनिट' बनाकर सुदूरवर्ती गांवों व शिक्षण संस्थानों में जागरूकता फैलाई जा रही है, ताकि इस सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त किया जा सके.

संविधान की प्रस्तावना और मौलिक कर्तव्यों का हुआ वाचन

जागरूकता शिविर के दौरान विद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति निष्ठा प्रकट करने के लिए सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका), मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों का सस्वर वाचन किया गया.

छात्राओं और शिक्षकों ने संविधान के आदर्शों को जीवन में उतारने और कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने का संकल्प लिया. इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शबनम कुमारी सहित अन्य शिक्षक, शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं.

30 सितंबर तक तीनों प्रखंडों में अनवरत चलेगा विधिक अभियान

प्राधिकार के प्रतिनिधि मनीष पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि नालसा जागृति योजना के आलोक में आगामी 30 सितंबर तक कहलगांव अनुमंडल के तीनों प्रखंडों में व्यापक स्तर पर यह अभियान चलाया जाएगा.

इसके तहत विभिन्न उच्च विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों और ग्रामीण टोलों में लगातार शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे आम जनमानस को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, निःशुल्क कानूनी परामर्श और अपने विधिक अधिकारों की पूरी जानकारी मिल सके.

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By Prabhat khabar news desk

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