दरअसल, सात विद्यालय अध्यापकों एवं विशिष्ट शिक्षकों ने चिकित्सा अवकाश के लिए विभाग में आवेदन दिया था. इस बाबत विभाग ने बिहार सेवा संहिता के नियम 245 एवं 248 का हवाला देते हुए कहा कि किसी विद्यालय अध्यापक व विशिष्ट शिक्षक के रूप में चिकित्सा अवकाश इसलिए नहीं दिया जा सकता, जो आपने तीन वर्ष की लगातार सेवा अवधि पूर्ण नहीं किया है. इसे लेकर संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे विद्यालय में पूर्व की तरह पठन-पाठन कार्य जारी रखें. विभाग से पत्र संबंधित प्रधानाध्यापकों एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भेज दी गयी है. उधर, शिक्षकों ने कहा कि नई नियमावली के तहत उनकी बहाली हुई है. इसके अंतर्गत उनका प्रोबेशन पीरियड दो साल का ही है. इसके बाद भी विभाग द्वारा मनमानी किया जा रहा है.
इन शिक्षकों का अवकाश हुआ रद्द विभाग से शिक्षकों का अवकाश आवेदन रद्द किया गया है. इसमें प्राथमिक विद्यालय सपेरा टोला वलीनगर (शाहकुंड) की बीबी सुफिया शाहीन, मध्य विद्यालय परघड़ी (सबौर) सविता कुमारी, मध्य विद्यालय शेखपुरा हिंदी (शाहकुंड) के धर्मेंद्र कुमार, जीएम विक्रमशिला उच्च विद्यालय अंतीचक (कहलगांव) की निधि राज, प्राथमिक विद्यालय गोहारियो (गोराडीह) की प्रिया पांडे, उच्च माध्यमिक विद्यालय पंचगछिया (गोपालपुर) की सोमलता सिंह व प्राथमिक विद्यालय हरिजन टोला नवटोलिया (नाथनगर) की अमिरून्नेसा खातून शामिल हैं.bhagalpur news. जिले के सात शिक्षकों का चिकित्सा अवकाश रद्द, शिक्षकों में आक्रोश
जिला शिक्षा विभाग ने सात शिक्षकों का चिकित्सा अवकाश रद्द कर दिया है
