जिले के अंतीचक थाना क्षेत्र अंतर्गत दयालपुर दुर्गा स्थान टोला में अपराधियों और नशेड़ियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि रंगदारी और नशे के लिए रुपये न देने पर एक अधेड़ व्यक्ति की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई.
हमलावरों ने लोहे की रॉड और हाथों में ब्रास नकल्स (पंच) पहनकर 55 वर्षीय नरेश सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल नरेश सिंह की इलाज के क्रम में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया है.
केला बेचकर लौटे बेटों के सामने पिता से मांगे एक लाख रुपये
मृतक के पुत्र चंदन कुमार ने अंतीचक थाने में दिए गए लिखित आवेदन में बताया कि वह और उसका भाई कुंदन दोनों फल (केला) बेचकर बुधवार शाम घर लौटे थे. रात करीब 8:00 बजे उसके पिता नरेश सिंह घर के बाहरी दालान में बैठे हुए थे.
इसी दौरान गांव के ही सुमन कुमार, चितरंजन कुमार, दीपक कुमार, संजय कुमार सिंह, मुनेश्वर प्रसाद सिंह, आलोक कुमार, पंकज सिंह और काशी मंडल हथियारों से लैस होकर वहां आ धमके. आरोपियों ने आते ही खाने-पीने और नशा करने के लिए नरेश सिंह से एक लाख रुपये रंगदारी की मांग शुरू कर दी.
रुपये देने से इनकार पर रॉड और पंच से किया लहूलुहान, ₹25 हजार भी लूटे
नरेश सिंह ने जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई और इनकार किया, तो सभी आरोपी उग्र हो गए और गाली-गलौज करते हुए उन पर टूट पड़े. हमलावरों ने लोहे की रॉड और पंच से उनके सिर व शरीर पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए.
चीख-पुकार सुनकर जब चंदन अपने पिता को बचाने दौड़ा, तो हमलावरों ने उसके साथ भी जमकर मारपीट की. हमले में नरेश सिंह लहुलूहान होकर जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए. आरोप है कि भागने से पहले आरोपी मुनेश्वर प्रसाद सिंह ने जमीन पर गिरे नरेश सिंह की जेब में रखे 25 हजार रुपये नकद भी निकाल लिए.
मायागंज और निजी अस्पताल के चक्कर काटते-काटते थमीं सांसें
हमलावरों के भागने के तुरंत बाद परिजन आनन-फानन में नरेश सिंह को स्थानीय प्राथमिक अस्पताल ले गए. वहां चिकित्सकों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए तत्काल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) रेफर कर दिया.
बुधवार देर रात उन्हें मायागंज में भर्ती कराया गया, लेकिन सुधार न होने पर परिजन बेहतर इलाज की उम्मीद में शहर के एक निजी अस्पताल ले गए. गुरुवार अहले सुबह हालत अत्यधिक बिगड़ने पर निजी अस्पताल ने भी हाथ खड़े कर दिए और उन्हें पुनः मायागंज रेफर कर दिया. परिजन जैसे ही उन्हें लेकर दोबारा मायागंज अस्पताल पहुंचे, चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पोस्टमार्टम के बाद सौंपा शव, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
घटना के बाद मायागंज स्थित बरारी कैंप थाना पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया.
मृतक के पुत्र चंदन कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर अंतीचक थाने में नामजद आठ अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.