Malda Town Station Ganja Seized: रेलवे स्टेशन पर सामान्य यात्रियों की तरह सफर कर रहे तीन लोगों के सामान की जब सुरक्षा बलों ने तलाशी ली, तो ट्रॉली बैग और लगेज बैग के भीतर छिपे पैकेट देखकर पूरा मामला बदल गया. आरपीएफ और जीआरपीएस की संयुक्त खुफिया-आधारित कार्रवाई में 42.019 किलोग्राम संदिग्ध गांजा बरामद किया गया. जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बतायी गयी है.
कार्रवाई 25 और 26 अगस्त की मध्यरात्रि मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर हुई. सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई ने रेल नेटवर्क के जरिये पूर्वोत्तर से बिहार की ओर मादक पदार्थ पहुंचाने के कथित नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि बरामद मादक पदार्थ को अगरतला से भागलपुर और जमालपुर तक ले जाने की तैयारी थी.
तेजस राजधानी के मालदा पहुंचते ही शुरू हुई निगरानी
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 20501 आनंद विहार टर्मिनल तेजस राजधानी एक्सप्रेस मालदा टाउन स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर पहुंची थी. इसी दौरान निगरानी टीम ने कोच बी-04 में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी.
संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन यात्रियों को हिरासत में लिया. उनके सामान की जांच की गयी तो एक ट्रॉली बैग और दो लगेज बैग में कई पैकेट छिपाकर रखे मिले.
जब इन पैकेटों की जांच की गयी तो उनमें संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद हुआ. वजन कराने पर इसकी कुल मात्रा 42.019 किलोग्राम निकली. इसकी अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बतायी गयी है.
अगरतला से भागलपुर-जमालपुर तक पहुंचना था मादक पदार्थ
प्रारंभिक पूछताछ में सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. जांच के अनुसार, संदिग्ध आरोपी मादक पदार्थों को अगरतला से भागलपुर और जमालपुर तक पहुंचाने के उद्देश्य से ले जा रहे थे.
यह जानकारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे रेल मार्ग के जरिये मादक पदार्थों की आवाजाही के संभावित नेटवर्क की दिशा सामने आती है. हालांकि, आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और मादक पदार्थ की अंतिम सप्लाई कहां होनी थी.
तीन यात्रियों को हिरासत में लेकर जांच तेज
आरपीएफ और जीआरपीएस की कार्रवाई के बाद तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. बरामद गांजे को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गयी.
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के अनुसार, इस मामले में जीआरपीएस मालदा टाउन ने एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है.
आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की जांच के लिए रिमांड की मांग की गयी है. अब जांच एजेंसियां बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, सप्लाई चैन और इसके पीछे सक्रिय लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं.
भागलपुर-जमालपुर रूट पर बढ़ेगी निगरानी
इस बरामदगी के बाद पूर्व रेलवे ने पूर्वोत्तर क्षेत्र से बिहार और आसपास के राज्यों की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में निगरानी और सख्त करने के निर्देश दिये हैं.
रेलवे के लिए यह कार्रवाई केवल एक खेप पकड़े जाने तक सीमित नहीं है. अगरतला से बिहार तक रेल मार्ग का इस्तेमाल कथित तौर पर मादक पदार्थ पहुंचाने के लिए किया जा रहा था, तो सुरक्षा एजेंसियों के सामने ऐसे नेटवर्क की पहचान करना बड़ी चुनौती है.
खासकर भागलपुर और जमालपुर जैसे गंतव्यों का नाम शुरुआती पूछताछ में सामने आने के बाद इन इलाकों की ओर आने वाली ट्रेनों में भी निगरानी महत्वपूर्ण हो सकती है.
सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर
पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय ने संयुक्त बलों की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता की सराहना की है. पूर्व रेलवे के आईजी-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिया नंदन सिन्हा ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के परिवहन के प्रयासों को विफल करने के लिए सभी मंडलों की सुरक्षा टीमें पूरी तरह सतर्क हैं.
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने भी कहा कि रेलवे अपने परिवहन गलियारों में कड़ी निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के जरिये सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
Malda Town Station Ganja Seized: अब किसकी तलाश होगी, जांच से खुलेगा नेटवर्क
42 किलो से अधिक गांजे की यह बरामदगी मात्रा और अनुमानित कीमत दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है. लेकिन जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि मादक पदार्थ किसने भेजा, इसे किसे सौंपा जाना था और इसके पीछे पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है.
तीनों आरोपियों से पूछताछ, उनके संपर्कों और यात्रा से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है. फिलहाल पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां मामले की आगे की जांच में जुटी हैं.
