भागलपुर: बाढ़ और जलजमाव के बीच जानलेवा 'लेप्टोस्पायरोसिस' का मंडराया खतरा, स्वास्थ्य विभाग का हाई अलर्ट; रैपिड रिस्पांस टीम तैयार

बिहार के कई जिलों में बाढ़ और जलजमाव के कारण स्वास्थ्य विभाग ने 'लेप्टोस्पायरोसिस' बीमारी को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. यह एक गंभीर जीवाणु जनित संक्रमण है जो दूषित पानी से फैलता है. जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके.

मानसून के दौरान भागलपुर सहित बिहार के कई जिलों में बाढ़ और जलजमाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 'लेप्टोस्पायरोसिस' (Leptospirosis) बीमारी को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में इस जानलेवा संक्रमण के फैलने की प्रबल आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाएं, बिहार के निदेशक प्रमुख डॉ. प्रणय राज शरण सिन्हा ने सभी जिला पदाधिकारियों (DM) और सिविल सर्जनों को विशेष निर्देश जारी किए हैं. विभाग ने बीमारी की पहचान, जांच और इलाज के लिए अस्पतालों में दवाओं का स्टॉक और रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) को 24 घंटे मुस्तैद रखने का आदेश दिया है.

क्या है 'लेप्टोस्पायरोसिस' और कैसे फैलता है संक्रमण?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लेप्टोस्पायरोसिस एक जीवाणु (बैक्टीरिया) जनित गंभीर बीमारी है, जो जलजमाव के दौरान तेजी से फैलती है:

  • संक्रमण का कारण: यह बीमारी मुख्य रूप से संक्रमित पशुओं, खासकर चूहों और अन्य कृंतकों (Rodents) के मूत्र से दूषित हुए पानी या गीली मिट्टी के संपर्क में आने से इंसानों में फैलती है.
  • बाढ़ में खतरा अधिक: बारिश के मौसम में जलभराव और बाढ़ के पानी में नंगे पैर चलने या दूषित पानी के इस्तेमाल से इस संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

बीमारी के प्रमुख लक्षण (Symptoms)

बाढ़ प्रभावित इलाकों से आने वाले मरीजों में यदि ये लक्षण दिखें, तो स्वास्थ्यकर्मियों को तुरंत उनकी जांच कराने का निर्देश दिया गया है:

  • तेज बुखार और कंपकंपी.
  • भयानक सिरदर्द और मांसपेशियों में जकड़न (खासकर पिंडलियों में).
  • अत्यधिक कमजोरी, मितली आना या उल्टी होना.

अस्पतालों में की गई ये विशेष तैयारियां

संभावित प्रकोप से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं:

  • दवा और जांच किट: सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जरूरी टेस्टिंग किट, प्रयोगशाला सामग्री और एंटीबायोटिक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है.
  • रैपिड रिस्पांस टीम: किसी भी क्षेत्र में प्रकोप की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई के लिए 'रैपिड रिस्पांस टीम' (RRT) को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
  • रिपोर्टिंग सिस्टम: संदिग्ध और पुष्ट मरीजों के साथ-साथ बीमारी से होने वाली मौतों की रिपोर्ट IDSP (एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम) के माध्यम से नियमित रूप से भेजने का निर्देश है.

कैसे करें बचाव? विभाग ने जारी की एडवायजरी

स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों को जागरूक करने के लिए बचाव के उपाय साझा किए हैं:

  • बाढ़ या जलजमाव वाले दूषित पानी में जाने से बचें.
  • यदि पानी में जाना मजबूरी हो, तो रबर के जूते (Gum boots) और दस्तानों का प्रयोग करें.
  • हाथों और पैरों की नियमित रूप से साबुन से सफाई करें.
  • अपने घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखें तथा चूहों पर नियंत्रण के उपाय करें.


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By Atul kumar

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