मजदूर विरोधी सरकार के खिलाफ में लगातार संघर्ष की जरूरत

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एक्टू, सीटू व एटक ने बुधवार को घंटाघर चौक से संयुक्त रूप से मार्च निकाला और सभा का आयोजन किया

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी व छंटनी, मजदूरी में भीषण गिरावट, निजीकरण, चार लेबर कोड और विनाशकारी राज के खिलाफ, संविधान व लोकतंत्र बचाने के लिए केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एक्टू, सीटू व एटक ने बुधवार को घंटाघर चौक से संयुक्त रूप से मार्च निकाला और सभा का आयोजन किया. मार्च मुख्य बाजार होते हुए स्टेशन चौक स्थित डॉ आंबेडकर प्रतिमा के सामने पूरा हुआ. मार्च का नेतृत्व एक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, एटक के जिला महासचिव डॉ सुधीर शर्मा व सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद ने किया.

सभा में ट्रेड यूनियनों ने मजदूरों की समस्याओं को उठाया. वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार अब तक की सबसे विनाशकारी, मजदूर विरोधी और कॉरपोरेट परस्त सरकार साबित हुई है. मजदूर विरोधी सरकार के खिलाफ लगातार संघर्ष की जरूरत है. सरकार अडानी-अम्बानी के लाभ के लिए मजदूरों-किसानों व आम नागरिकों को लगातार लूट रही है. फासीवादी मोदी सत्ता को अब और बर्दाश्त नहीं किया सकता है.

एक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसके शर्मा, सीटू के जिला उपाध्यक्ष एनके देव, एटक के जिला उपाध्यक्ष मनोहर शर्मा, कर्मचारी महासंघ–गोपगुट के सम्मानित जिला अध्यक्ष विष्णु कुमार मंडल, एआइबीइए के जिला अध्यक्ष एपी सिंह, बीएसएसआरयू के जिला सचिव सुभोजित सेन गुप्ता ने संबोधित किया.

इस मौके पर सुभाष कुमार, अमर कुमार, जियाउल हसन, पूनम देवी, मो. यूसुफ, मो मुमताज, मो. इरफान, प्रकाश शर्मा, मो. रुस्तम, कृष्णा तांती, कन्हैयालाल मंडल, मो. शमशाद, एटक के जिला महासचिव डॉ. सुधीर शर्मा, महावीर सिंह, गोपाल राय, अनिता शर्मा, अभिमन्यु मंडल, जय प्रकाश दास, धीरेंद्र नारायण सिंह, नवलकिशोर भगत, पद्माकर झा, सूर्यनारायण दास, मो मुस्ताक, देवचंद्र झा, सुरेश प्रसाद, उपेंद्र यादव, विनोद मंडल, डोमन मंडल, रघुनंदन पासवान, राजेश कुमार, संदीप कुमार, केके झा, बीबी लाल, भास्कर सिंह आदि उपस्थित थे.

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दृष्टि विहार ने रोजगार के लिए महिलाओं को मिली स्किल ट्रेनिंग

दृष्टि विहार की ओर से नाथनगर में महिलाओं को रोजगारोन्मुख के लिए स्किल की ट्रेनिंग दी गयी. इससे पहले स्वच्छता अभियान चलाया गया.

सचिव दिलीप कुमार सिंह एवं कोषाध्यक्ष शोभा देवी ने कार्यक्रम का संचालन किया. इस मौके पर नूतन देवी, मीना देवी, लक्ष्मी, खुशबू, उषा, गुड़िया, पुतुल, शिवरानी, ललिता, रंजू, रीमा आदि उपस्थित थे.

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निर्माण मजदूरों ने फहराया झंडा, दी शहीदों को श्रद्धांजलि

बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन ने स्थानीय भीखनपुर गुमटी नंबर 12 चौक पर मजदूर दिवस मनाया. एआईसीडब्ल्यूएफ के राष्ट्रीय महासचिव एसके शर्मा के नेतृत्व में निर्माण मजदूरों ने यूनियन का झंडा फहराया. मजदूर आंदोलन के सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी. जिला संयुक्त सचिव अमर कुमार ने संविधान व लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लिया. इस मौके पर अमित गुप्ता, मो सुदीन, प्रमोद ठाकुर, करण कुमार, आनंद कुमार, मंटू मंडल, अफरुद्दीन, छमलू मिस्त्री, महेश तांती , मो. इरफान, कृष्णा तांती, प्रकाश शर्मा, विशु तांती, जंगी तांती, महमूद, मुमताज, वीरो यादव, छन्गुरी पंडित, विवेक पासवान उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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