प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर पूरे मंदिर परिसर को अलौकिक रूप से सजाया गया था. उत्सव में भागलपुर शहर के अलावा बांका, नवगछिया और पड़ोसी राज्य झारखंड के गोड्डा सहित कई इलाकों से सैकड़ों की संख्या में श्याम भक्त बाबा के दरबार में शीश नवाने पहुंचे. दोपहर में संपन्न हुए हवन-पूजन के बाद शाम को बाबा को छप्पन भोग अर्पित किया गया और अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई.
भजनों की तान पर झूम उठे श्रद्धालु, आनंद खेतान और हेमंत राजस्थानी ने बांधी समां
शुक्रवार की देर रात आयोजित भजन संध्या इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण रही. ख्याति प्राप्त भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक श्याम भजनों की प्रस्तुति देकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया:
- मुख्य प्रस्तुतियां: प्रसिद्ध भजन गायक आनंद खेतान, हेमंत राजस्थानी और केशव शरावगी ने मंच संभालते ही 'कुछ अपनी सुना बाबा मेरी हरदम सुनाता हूं...' और 'जगन्नाथ चककानैन नीलाचलवा रे' जैसे कर्णप्रिय भजनों से शुरुआत की.
- भक्ति का उल्लास: इसके बाद जब 'तू न संभाले तो हमें कौन संभाले...' और 'सब झूमो नाचों वो आनेवाला है, पगड़ी बांध रहा लीले चढ़ने वाला है...' के सुर गूंजे, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और बाबा के जयकारों से गूंज उठा. भक्त अपने स्थान पर खड़े होकर नृत्य करने लगे.
इसके साथ ही स्थानीय कलाकार गजेंद्र मिश्रा और विनोद शर्मा ने भी श्याम बाबा के चरणों में अपनी संगीतमय हाजिरी लगाई.
दो क्विंटल विदेशी फूलों से महका बाबा का पांचों दरबार
मंदिर कमेटी के प्रवक्ता विनोद शर्मा ने बताया कि उत्सव की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं. बाबा के दरबार को विशेष लुक देने के लिए कोलकाता और मिदनापुर (पश्चिम बंगाल) से विशेष कारीगरों को बुलाया गया था:
- रंग-बिरंगे फूल: चंदन और पांचू दा के नेतृत्व में आए कलाकारों ने गेंदा, गुलाब और रजनीगंधा सहित लगभग दो क्विंटल रंग-बिरंगे ताजे फूलों से बाबा के पांचों ऐतिहासिक दरबारों का अद्भुत शृंगार किया.
- केशर-चंदन अभिषेक: शुक्रवार की सुबह 8:00 बजे वाराणसी के प्रख्यात विद्वान पंडित संजय पांडेय के आचार्यत्व में विशेष पूजन शुरू हुआ. इसके बाद सुबह 11:00 बजे मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुरेश ने बाबा का केशर-चंदन से अलौकिक शृंगार व महाअभिषेक संपन्न कराया.
छप्पन भोग और अखंड ज्योत के बाद महाआरती
दोपहर 3:00 बजे मंदिर प्रांगण में विश्व शांति और लोक कल्याण के लिए मुख्य हवन कुंड में आहुतियां डाली गईं. इसके बाद संध्या ठीक 7:00 बजे बाबा श्याम की भव्य आरती की गई और कोलकाता से लाए गए शुद्ध घी से बाबा की पवित्र अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई. ज्योत के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं. इसी क्रम में बाबा श्याम को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का महाभोग (छप्पन भोग) लगाया गया.
इन सदस्यों का रहा सराहनीय योगदान
इस पूरे वृहद धार्मिक अनुष्ठान और व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में प्राचीन खाटू श्याम मंदिर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य और कार्यकर्ता मुस्तैदी से जुटे रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
- गौतम चौधरी, महेश तुलस्यान, सतीश जैन और ध्रुव पोद्दार.
- महेश खंडेलवाल, मधु अग्रवाल, अमित टीबरेबाल, आशु सिंघानिया, अंकुश अग्रवाल और अंकित टेकरीवाल शामिल हैं.
देर रात भजनों की पूर्णाहुति के बाद बाबा श्याम की भव्य महाआरती उतारी गई और उपस्थित सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसके साथ ही यह दो दिवसीय 17वां प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव आनंदपूर्वक संपन्न हुआ.
