केदारनाथ त्रासदी की 10वीं बरसी पर मृतकों को दी श्रद्धांजलि

केदारनाथ त्रासदी की 10वीं बरसी पर मृतकों को दी श्रद्धांजलि

वरीय संवाददाता, भागलपुर अखिल भारतीय उत्तराखंड त्रासदी पीड़ित मंच ने सोमवार को श्री केदारनाथ धाम में जून 2013 में आयी आपदा में प्राण गंवाने वालों की याद में श्रद्धांजलि सह प्रार्थना सभा का आयोजन किया. ऑनलाइन विधि से आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि भीषण त्रासदी में देश के विभिन्न राज्यों के लोगों ने अपने परिजनों को खोया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से केदारनाथ धाम का जीर्णोद्धार हुआ है. उन्होंने कहा कि केदारनाथ जैसी आपदा प्रकृति से छेड़छाड़ का नतीजा है. सर्व सम्मति से केदारनाथ त्रासदी के मृतकों की याद में उत्तराखंड के देहरादून में उपवन बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ. कार्यक्रम में केदारनाथ व बदरीनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अमेन्द्र अजय, भाजपा नेता अर्जित चौबे, स्वामी रामभद्राचार्य, स्वामी अनंताचार्य, स्वामी चिदानंद सरस्वती, केदारनाथ धाम से पंडित सुनील शुक्ला, श्रीराम कर्मभूमि न्यास के अध्यक्ष कृष्ण कांत ओझा, उपाध्यक्ष रामबालक प्रसाद, महासचिव अभिजीत कश्यप, अभिषेक ओझा, विकास कुमार, अमित मिश्रा, चंदन तिवारी, नीता चौबे, अविरल चौबे, सुरभि चौबे, अतिशय चौबे, आकृष्ट चौबे, आत्मिक चौबे आदि उपस्थित थे. —— शाहनवाज को बकरीद की मुबारकबाद दी फोटो सिटी में शाहनवाज हुसैन नामक भागलपुर . ईद उल अजहा बकरीद के अवसर पर भागलपुर भाजपा के नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन को मुबारकबाद दी. वहीं भागलपुर सहित देशवासियों के लिए अमन और चैन की कामना की. मुबारकबाद देने वालों में भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार, पूर्व जिप अध्यक्ष टुनटुन साह, इंजीनियर ललन पासवान, नितेश सिंह, आलोक सिंह बंटू, श्रीकांत कुशवाहा, जिला मीडिया प्रभारी प्राणिक वाजपेयी, विनोद सिन्हा, प्रदीप जैन, माला सिंह, रूबी दास, दिलीप जायसवाल आदि कार्यकर्ता ने सुपौल आवास पर जाकर राष्ट्रीय प्रवक्ता को मुबारकबाद दी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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