टीएमबीयू के पीजी प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में शनिवार को विश्व विरासत दिवस सह प्रतिज्ञान समारोह का आयोजन किया गया. मौके पर प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ पवन शेखर ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का इतिहास उसके वर्तमान व भविष्य की नींव होती है. बीता हुआ कल वापस नहीं आता पर विरासतें हमेशा जीवंत रहती है. धरोहरों की सुरक्षा व उसकी महत्ता का संदेश फैलाना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिकों का कर्तव्य है. डॉ शेखर ने गांव या पंचायत स्तर पर विरासत स्थलों की पहचान कर उसका विवरण तैयार करने के लिए प्रेरित किया. डॉ उमेश तिवारी ने कहा कि मूर्त एवं अमूर्त दोनों प्रकार के धरोहरों के संरक्षण की हम सभी की जिम्मेवारी है. डॉ दिनेश कुमार गुप्ता ने अंग क्षेत्र के ऐतिहासिक गौरव और अंगिका भाषा को इस क्षेत्र का धरोहर बताया. डॉ आशा कुमारी ने कहा कि हमारी विरासतें हमारे सांस्कृतिक विकास यात्रा के गौरव गाथाओं को अपने आप में समेटे है. इस दौरान धरोहर एवं विरासत की रक्षा का प्रतिज्ञान लिया. सुरक्षित एवं संरक्षित रखने के लिए लोगों को जागरूक करने की शपथ ली. इस अवसर पर छात्र सुमंत, अखिलेश, रानी, खुशी, गौतम, राहुल आदि मौजूद थे.
bhagalpur news. धरोहरों की सुरक्षा व उसकी महत्ता का संदेश फैलाना नागरिकों का कर्तव्य
टीएमबीयू के पीजी प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में शनिवार को विश्व विरासत दिवस सह प्रतिज्ञान समारोह का आयोजन किया गया
