भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध पर बड़े पैमाने पर हो रहे अतिक्रमण, मिट्टी के अवैध कटान, झाड़ियों के फैलाव और मक्के के डंठल व भूसा रखे जाने से तटबंध की सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडराने लगा है. गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि के बीच स्थानीय लोगों को डर है कि यदि समय रहते प्रशासनिक कदम नहीं उठाए गए, तो वर्ष 2021 की भीषण तबाही की पुनरावृत्ति हो सकती है.
मक्के के डंठल से चूहे खोद रहे बिल, तटबंध की नींव हुई कमजोर
तटबंध के स्पर संख्या-1, 2 और 3 के बीच कई जगहों पर अतिक्रमण का असर साफ देखा जा सकता है:
- 2021 के हादसे की यादें: वर्ष 2021 में तटबंध पर रखे गए मक्के के डंठलों में चूहों ने बड़े-बड़े बिल बना दिए थे, जिससे गंगा के दबाव के कारण तटबंध ध्वस्त हो गया था और भारी तबाही हुई थी.
- निगरानी और रखरखाव में बाधा: वर्तमान में भी तटबंध पर मिट्टी का कटाव, झाड़ियों का फैलाव और अस्थायी कब्जे के कारण जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को नियमित निगरानी और पेट्रोलिंग करने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी खतरा बरकरार
इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध को गंगा के भीषण कटाव से बचाने के लिए जल संसाधन विभाग की ओर से करोड़ों रुपये की लागत से सीट पाइलिंग, बोल्डर एप्रन और जियो बैग पिचिंग का कार्य कराया गया है:
ग्रामीणों की चेतावनी: "यदि तटबंध की जमीन से मक्के का डंठल, भूसा और अवैध कब्जा तुरंत नहीं हटाया गया, तो सरकार द्वारा कराए गए करोड़ों रुपये के बाढ़ निरोधी कार्य पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाएंगे और पानी का दबाव बढ़ते ही स्थिति बेकाबू हो सकती है."
प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि विभागीय स्तर पर नियमित पेट्रोलिंग के बावजूद तटबंध पर अतिक्रमण कैसे पनप रहा है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल स्थल निरीक्षण कर अतिक्रमणकारियों को चिह्नित करने और तटबंध को खाली कराने की मांग की है.
अतिक्रमण हटाने के लिए दोबारा देंगे स्मारपत्र: EE गौतम कुमार
मामले की गंभीरता पर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया के कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया:
कार्यपालक अभियंता का बयान: "तटबंध को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए स्थानीय नागरिक प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को पुनः स्मारपत्र (Reminder Letter) भेजा जाएगा, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई कर तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके."
