मेयर ने नगर आयुक्त को साइकिल ट्रैक दुरुस्त कराने का दिया निर्देश

मेयर डॉ बसुंधरा लाल ने नगर आयुक्त सह स्मार्ट सिटी के निदेशक नितिन कुमार सिंह को निर्देशित किया है कि वह अतिशीघ्र साइकिल ट्रैक को दुरुस्त कराएं.

भागलपुर.

मेयर डॉ बसुंधरा लाल ने नगर आयुक्त सह स्मार्ट सिटी के निदेशक नितिन कुमार सिंह को निर्देशित किया है कि वह अतिशीघ्र साइकिल ट्रैक को दुरुस्त कराएं. वहां अतिक्रमण पर भी रोक लगाने की पहल करें. जेल रोड स्थित साइकिल ट्रैक जो कि स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा बनायी गयी है. इसके निर्माण का सिर्फ अभी 10 महीने हुए हैं लेकिन, जहां-तहां यह ट्रैक उखड़ चुका है. साथ पूरे जेल रोड जिसके दोनों ओर पेवर ब्लॉक लगाकर सौंदर्यीकरण किया गया. उस पर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है. इससे शहर का सौंदर्यीकरण प्रभावित हो रहा है.

मेयर ने नगर आयुक्त से विश्व पर्यावरण दिवस मनाने को कहा

भागलपुर. मेयर डॉ बसुंधरा लाल ने नगर आयुक्त से विश्व पर्यावरण दिवस मनाने को कहा है. मेयर ने पत्र लिखकर कहा है कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस है. इस दिवस को हर्षोल्लास के साथ भागलपुर नगर निगम की ओर से मनाया जाये. जिससे पर्यावरण को बचाने, प्रदूषण रहित वातावरण बनाने व जल संचय आदि के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए समाज को बेहतर संंदेश दिया जा सके.बिजली कनेक्शन उल्टा जोड़ने पर मोटर उल्टी चाल से घूमने लगा, जलापूर्ति प्रभावितइशाकचक से भीखनपुर समेत आधा दर्जन डीप बोरिंग से जलापूर्ति बाधित रही. इसमें लालबाग, भीखनपुर दिव्यांग स्कूल, बरहपुरा में तीन डीप बोरिंग के अलावा डिक्शन मोड़, इशाकचक पानी टंकी, वार्ड 47 का इशाकचक बोरिंग, काली स्थान परिसर इशाकचक, भीखनपुर भट़्ठा और इशाकचक न्यू बोरिंग से जलापूर्ति प्रभावित रही. जलकल की टीम ने सभी बोरिंग में बिजली कनेक्शन के तार को पलटने की कवायद की. इसके बाद सुबह नौ बजे तक सभी बोरिंग से जलापूर्ति संभव हो सकी. दरअसल, बिजली का तार उल्टा जोड़ने के कारण मोटर पंप उल्टी चाल चलने लगा, जिससे डीप बोरिंग के मोटर से पानी नहीं निकलने लगा. जलकल के टीम को शिकायत मिलने के बाद बोरिंग के मोटर का बिजली कनेक्शन पलटना पड़ा है. इसका प्रभाव रविवार की दोपहर दो बजे से सोमवार की सुबह आठ बजे तक पड़ा. जलकल के तकनीकी विशेषज्ञ की मानें तो ट्रांसफार्मर मरम्मत के दौरान ऐसी समस्या होती है. इधर, खंजरपुर मकबरा डीप बोरिंग में जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई. बोरवेल के भूगर्भ जलस्तर गिरने के कारण डीप बोरिंग से कम प्रेशर में आपूर्ति की समस्या थी. जिसमें निगम के जलकल की टीम ने 10 फीट तक अतिरिक्त पाइप बढ़ाने का काम रहा है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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