21 सूत्री मांगों को लेकर होमगार्ड जवानों ने काला बिल्ला लगा की ड्यूटी

21 सूत्री मांगों को लेकर होमगार्ड जवानों ने काला बिल्ला लगा की ड्यूटी

बिहार रक्षावाहिनी स्वयंसेवक संघ के आह्वान पर शुक्रवार से होमगार्ड जवानों ने पांच दिवसीय काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. इस दौरान भागलपुर पुलिस जिला के सैकड़ों होमगार्ड जवानों ने अपने-अपने कार्यस्थल पर काला बिल्ला लगा कर ड्यूटी की. संगठन की ओर से मांग की जा रही थी कि पुलिस विभाग में सिपाहियों के जैसे ही उन्हें भी समान काम का समान वेतन, सुनिश्चित ड्यूटी आवंटन, बिना वजह बर्खास्त किये गये जवानों को काम पर वापस लिया जाये. इसी को लेकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 19 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक होमगार्ड जवानों ने काला बिल्ला लगाकर अपना कर्तव्य पूरा करने का निर्णय लिया था. भागलपुर के होमगार्ड संगठन की ओर से बताया गया कि सरकार द्वारा उनकी मांगों को पूरी नहीं करने की स्थिति में केंद्रीय समिति के निर्देशानुसार उग्र आंदोलन में भी सहभागिता का निर्णय बिहार रक्षावाहिनी स्वयंसेवक संघ द्वारा लिया गया है. संगठन की ओर से जानकारी दी गयी कि इससे पूर्व भी विरोध-प्रदर्शन कर रहे होमगार्ड जवानों ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा था. इसमें ये दर्शाया था की अगर मांग सरकार पूरी नहीं करेगी तो 19 जुलाई से 23 जुलाई तक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे और विरोध जतायेंगे. इसके बाद भी यदि उन लोगों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय सरकार द्वारा नहीं लिया गया तो वे लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल जाने की भी घोषणा की थी. संगठन के जिला उपाध्यक्ष पवन कुमार यादव ने बताया कि मुख्यालय से कई बार गृहरक्षकों के समस्याओं का समाधान के लिए लिखित और मौखिक अनुरोध किया गया. बावजूद गृहरक्षकों के प्रति सरकार और प्रशासन का नजरिया उदासीन रहा है. उन्होंने कहा कि वे लोग सरकार के थाना, यातायात, शराबबंदी, बैंक, बिजली, नगर निगम, डाकघर, टेलीफोन और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्यों में 24 घंटे सरकार के साथ काम करते हैं. इसके बावजूद 8 वर्षों से 774 रुपये भत्ता के रूप में दैनिक भत्ता दिया जाता है. जो बढ़ती महंगाई के अनुरूप काफी कम है. जबकि देश के अन्य राज्यों में बिहार के अपेक्षा ज्यादा भत्ता और वेतन मद में भुगतान किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने बताया कि हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में समान काम का समान न्यायादेश पारित किया था. मगर सरकार इस आदेश की अब तक अनदेखी कर रही है. मौके पर गृह रक्षकों ने ड्यूटी पर मौत अथवा पूर्ण दिव्यांग होने पर आश्रित को अनुकंपा का लाभ देने, दुर्घटनाग्रस्त होने पर इलाज होने तक ड्यूटी पर मानते हुए भत्ते का भुगतान करने की भी मांग की है. इसको लेकर भागलपुर संगठन इकाई के सचिव विभाष कुमार झा और कोषाध्यक्ष सुधीर पंडित की ओर से विज्ञप्ति भी जारी की गयी है.

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