भागलपुर जिले सहित पूरे राज्य में पिछले कुछ दिनों से मौसम के बदले मिजाज और मानसूनी बारिश की रफ्तार पकड़ने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. बुधवार की देर शाम से शुरू हुई मूसलाधार और सतत बारिश ने किसानों की उम्मीदों को नया जीवन दिया है. इस बारिश से न केवल सिंचाई की समस्या दूर हुई है, बल्कि खेतों में धान की रोपनी के काम में भी जबरदस्त तेजी आ गई है.
खेतों का रुख कर रहे किसान, रोपनी में आई तेजी
जिले भर में हो रही इस राहत की बारिश का सबसे बड़ा फायदा धान की खेती करने वाले किसानों को मिला है:
- रोपनी का काम तेज: बारिश का पानी खेतों में जमा होते ही किसान अपने अन्य सभी कार्यों को छोड़कर पूरे उत्साह के साथ खेतों में जुट गए हैं.
- सूखने से बची फसल: लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे क्षेत्रों में जलभराव होने से धान के बिचड़े और पहले से रोपी गई फसल को संजीवनी मिली है.
आज भारी बारिश का अलर्ट, आने वाले दिन भी रहेंगे मेहरबान
बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर के मौसम विभाग के अनुसार, मानसूनी हवाओं की सक्रियता के कारण मौसम अनुकूल बना हुआ है:
मौसम विभाग का पूर्वानुमान: "गुरुवार को जिले के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है. इसके बाद भी आने वाले दिनों में सामान्य रूप से बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी."
रोपे गए धान के लिए 'रामबाण' साबित होगी यह बारिश
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन किसानों ने पहले ही धान की रोपनी कर ली थी, उनके लिए यह मानसूनी बारिश सोने पर सुहागा साबित हो रही है. रोपनी के तुरंत बाद मिलने वाला यह पानी पौधों की जड़ों को मजबूत करने और कल्ले (Tillers) निकलने में मदद करेगा. आने वाले दिनों में होने वाली हल्की व सामान्य बारिश धान की पैदावार के लिए 'रामबाण' सिद्ध होगी.
