सिल्क सिटी भागलपुर के स्थानीय बाजारों में इन दिनों मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है. सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी और उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, जहां कीमती धातुओं के भाव ऐतिहासिक स्तर पर बने हुए हैं. दूसरी ओर, किराना एवं गल्ला मंडी में दलहन, तेलहन और कुछ चुनिंदा अनाजों के दामों में बढ़त दर्ज की गई है, जबकि अधिकांश सामान्य खाद्यान्नों के भाव फिलहाल स्थिर बने हुए हैं. शादी-ब्याह के आगामी सीजन को देखते हुए स्थानीय व्यापारियों का अनुमान है कि मांग में इजाफा होने से आने वाले दिनों में खाद्य सामग्रियों की कीमतों में और अधिक उछाल आ सकता है.
1. सर्राफा बाजार: सोना-चांदी के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर
सर्राफा बाजार में पिछले एक माह से चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच कीमतें शीर्ष स्तर पर बरकरार हैं:
- 24 कैरेट सोना: ₹1,59,000 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम
- चांदी (सिल्वर): ₹2,35,000 (2.35 लाख रुपये) प्रति किलोग्राम
2. दलहन और खाद्यान्न मंडी का ताजा रेट कार्ड
खाद्य सामग्री मंडी में चना और मसूर दाल के भाव स्थिर हैं, जबकि अरहर दाल और कतरनी उत्पादों में मजबूती देखी जा रही है:
| खाद्य सामग्री (Commodity) | खुदरा/थोक दर (प्रति किलोग्राम / पैकेट) |
| चना एवं मसूर दाल | ₹72 प्रति किलो |
| अरहर दाल | ₹120 से ₹130 प्रति किलो |
| मूंग दाल | ₹98 प्रति किलो |
| कलाई दाल (उड़द) | ₹105 से ₹115 प्रति किलो |
| आटा | ₹35 प्रति किलो |
| कतरनी चावल (प्रीमियम) | ₹80 से ₹160 प्रति किलो (गुणवत्ता अनुसार) |
| स्वर्णा चावल | ₹40 प्रति किलो |
| कतरनी चूड़ा | ₹110 से ₹130 प्रति किलो |
| चीनी (50 किलोग्राम पैकेट) | ₹3,200 प्रति पैकेट (पूर्व दर ₹2,300 से बढ़कर) |
3. तेलहन बाजार में तेजी: सरसों, पाम तेल और वनस्पति के बढ़े दाम
खाद्य तेलों की कीमतों में पिछले तीन महीनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है:
- मंगल तेल (15 किग्रा डिब्बा): तीन माह पूर्व ₹2,475 से बढ़कर ₹2,800 हुआ था, जो अब और चढ़कर ₹2,930 के स्तर पर पहुंच गया है.
- रिफाइंड पाम ऑयल (13 लीटर): ₹2,350 से ₹2,450 के दायरे में बना हुआ है.
- भोजन वनस्पति (15 किग्रा जार): ₹2,480 प्रति जार दर्ज किया गया.
त्योहारी व सहालग सीजन में और तेजी के आसार
स्थानीय गल्ला और सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में मांग का दबाव बढ़ने वाला है:
- आपूर्ति और मांग का प्रभाव: सहालग (लगन) शुरू होने से बाजार में ग्राहकी बढ़ेगी. यदि आपूर्ति में कमी रहती है, तो कुछ विशेष श्रेणी के प्रीमियम उत्पादों के भावों में अप्रत्याशित उछाल देखने को मिल सकता है.
