उफान पर गंगा और कोसी नदी, 24 घंटे में 25 सेमी तक बढ़ा जलस्तर; चेतावनी स्तर से महज 17 सेमी नीचे पहुंची कोसी

नेपाल में मूसलाधार बारिश का असर बिहार की प्रमुख नदियों गंगा और कोसी पर दिख रहा है. दोनों नदियों के जलस्तर में भारी वृद्धि दर्ज की गई है. खास तौर पर कोसी नदी चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच गई है, हालांकि सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे हैं.

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश का व्यापक असर नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र से होकर बहने वाली गंगा और कोसी नदी पर दिखने लगा है. पिछले 24 घंटे में नवगछिया के सभी प्रमुख जलमापी केंद्रों पर दोनों नदियों के जलस्तर में 20 से 25 सेंटीमीटर तक की तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है. गुरुवार सुबह बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कोसी नदी का जलस्तर जेबी चोरहर में चेतावनी स्तर से महज 17 सेंटीमीटर नीचे रह गया है. राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं.

जलमापी केंद्रों की ताजा स्थिति और जलस्तर

बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा गुरुवार सुबह 6 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न स्थानों पर नदियों का जलस्तर इस प्रकार है:

  • जेबी चोरहर (बगजान जमींदारी तटबंध - कोसी नदी): जलस्तर 30.60 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 24 घंटे में 25 सेमी की वृद्धि हुई है. यहां चेतावनी स्तर 30.77 मीटर है, यानी पानी चेतावनी निशान से मात्र 17 सेमी नीचे है. (खतरे का निशान: 31.77 मीटर).
  • इस्माईलपुर-बिंद टोली (एसपी-07 - गंगा नदी): जलस्तर 29.64 मीटर दर्ज हुआ (21 सेमी की वृद्धि). पानी तटबंध के टो (Toe) को छू रहा है. (चेतावनी स्तर: 30.60 मीटर, खतरे का स्तर: 31.60 मीटर).
  • राघोपुर (काजीकोरैया मार्जिनल तटबंध - गंगा नदी): जलस्तर 30.67 मीटर पहुंचा (20 सेमी की वृद्धि). पानी तटबंध के टो तक पहुंच गया है. (चेतावनी स्तर: 32.68 मीटर, खतरे का स्तर: 33.68 मीटर).
  • मदरौनी (कोसी नदी): जलस्तर 29.65 मीटर दर्ज किया गया (20 सेमी की वृद्धि). (चेतावनी स्तर: 30.48 मीटर, खतरे का स्तर: 31.48 मीटर).

राघोपुर में फ्लड फाइटिंग कार्य जारी, सभी तटबंध सुरक्षित

जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और कर्मियों की टीम सभी संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए है. फिलहाल किसी भी स्थान से रिसाव या कटाव की सूचना नहीं है.

कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार का बयान: "नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राघोपुर में लगातार फ्लड फाइटिंग (बाढ़ निरोधी) कार्य कराया जा रहा है. सभी संवेदनशील तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है."


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By Vipin Thakur

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