नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने शहर में कई मामलों को लेकर कड़ा रुख दिखाया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब नगर निगम की कार्यप्रणाली कागजी दावों से आगे बढ़कर जमीनी बदलाव पर केंद्रित होगी. इसी क्रम में शहर के लगभग 700 पुराने अवैध निर्माणों की फाइलें दोबारा खोली जा रही हैं. जहां भी बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन मिलेगा, वहां कानूनी कार्रवाई के साथ अवैध हिस्सों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. यह जानकारी उन्होंने अपने कार्यालय में गुरुवार को दी. नगर आयुक्त ने बताया कि शहर में चिन्हित लगभग 700 पुराने अवैध निर्माण के ये वे मामले हैं जो लंबे समय से लंबित थे या जिन पर कार्रवाई अधूरी रह गयी थी. अब इन सभी की तकनीकी और कानूनी समीक्षा करायी जायेगी. नोटिस देकर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. जरूरत पड़ने पर अवैध हिस्सों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया भी अपनायी जायेगी. निगम का मानना है कि अनियंत्रित और नियम विरुद्ध निर्माण शहर की यातायात, जलनिकासी और सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव डालते हैं. इसलिए इस मुद्दे पर समझौते की गुंजाइश नहीं रखी जायेगी. संपत्ति छुपाकर टैक्स चोरी करने वालों पर लगाया जायेगा अंकुश राजस्व बढ़ाने और टैक्स प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए निगम जीआइएस आधारित मैपिंग प्रणाली लागू करेगा. स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को एक विशेष एप विकसित करने का निर्देश दिया गया है. इस एप के जरिये हर होल्डिंग का लोकेशन, क्षेत्रफल और लेटेस्ट फोटो डिजिटल मैप पर टैग किया जायेगा. इससे संपत्तियों का वास्तविक डाटा तैयार होगा और टैक्स निर्धारण अधिक सटीक हो सकेगा. कई जगहों पर वास्तविक आकार से कम विवरण देकर टैक्स चोरी की जाती है, जिस पर अब अंकुश लगेगा. इसी क्रम में लगभग 700 बड़े व्यावसायिक संस्थानों जैसे स्कूल, होटल और अस्पताल से सफाई और जलापूर्ति के एवज में अतिरिक्त कर लिया जायेगा. निगम का तर्क है कि बड़े प्रतिष्ठान अधिक संसाधनों का उपयोग करते हैं, इसलिए उनसे अनुपातिक राजस्व जरूरी है. निजी भवनों पर विज्ञापन लगाने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा अनिवार्य शहर की सूरत सुधारने के लिए नयी विज्ञापन नीति लायी जा रही है. इसके तहत शहर को छोटे-छोटे जोन में बांट कर विज्ञापन के लिए टेंडर जारी किये जायेंगे. अब निजी भवनों पर विज्ञापन लगाने से पहले निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, ताकि अनियंत्रित होर्डिंग और अव्यवस्थित विज्ञापन पर रोक लग सके. नगर निगम ने ऐसे करीब 5,000 लोगों की सूची भी तैयार की है, जो बार-बार गंदगी फैलाने या अतिक्रमण करने में लिप्त पाये गये हैं. इन लोगों पर आर्थिक दंड के साथ कानूनी कार्रवाई की तैयारी है. कनकैथी क्षेत्र में लंबे समय से जमा कचरे के निष्पादन के लिए वहां बायोगैस प्लांट लगाने की योजना बनायी गयी है. इससे कचरा निपटान के साथ ऊर्जा उत्पादन का विकल्प भी तैयार होगा. जलापूर्ति, पार्क और प्रवेश द्वार बनायेगा निगम पेयजल संकट को देखते हुए सबौर स्थित जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) के इंटेकवेल निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण मामले को 15 फरवरी तक निपटाने का लक्ष्य तय किया गया है. अधिकारियों को इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिये गये हैं. शहर के सौंदर्यीकरण के तहत तीन पार्कों और एक तालाब के जीर्णोद्धार की योजना है. साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों पर दो आकर्षक प्रवेश द्वार बनाने का प्रस्ताव है. इसके लिए नागरिकों से सुझाव भी मांगे गये हैं, ताकि डिजाइन स्थानीय पहचान को दर्शा सके. नगर आयुक्त ने चेतावनी दी कि निगम की जमीन पर कहीं भी अतिक्रमण मिलने पर सीधे प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. उनका कहना है कि नियमों का पालन और नागरिक सहयोग ही शहर को व्यवस्थित और रहने योग्य बना सकता है.
bhagalpur news. शहर के 700 पुराने अवैध निर्माणों की दोबारा खोली जायेगी फाइल
नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने शहर में कई मामलों को लेकर कड़ा रुख दिखाया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब नगर निगम की कार्यप्रणाली कागजी दावों से आगे बढ़कर जमीनी बदलाव पर केंद्रित होगी.
