BHAGALPUR : खाली सड़क, निर्बाध ट्रैफिक... भागलपुर शहर में हो रही है 20 वर्ष पहले वाली फिलिंग

भागलपुर - विक्रमिशला सेतु पर वाहनों की आवाजाही बंद हो जाने के बाद भागलपुर शहर में वाहनों के परिचालन में 50 फीसदी तक कमी आयी है.

भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट :

भागलपुर – विक्रमिशला सेतु पर वाहनों की आवाजाही बंद हो जाने के बाद भागलपुर शहर में वाहनों के परिचालन में 50 फीसदी तक कमी आयी है. शहर के दक्षिण क्षेत्र को छोड़ दें तो बांकी हिस्से में सभी सड़कें जाम मुक्त दिख रही है. अति व्यस्ततम जीरोमाइल से तिलकामांझी, जीरो माइल से बाबूपुर, तिलकामांझी से घंटाघर, घंटाघर से कोतवाली, पटल बाबू रोड, तिलकामांझी से आदमपुर, अदामपुर से नया बाजार होते हुए सराय तक की सड़क पर आठ दिन पहले रोजाना दिन में कई बार जाम की स्थिति बनती थी. लेकिन पिछले आठ दिनों से इन सड़कों से गुजरने वाले लोग भूल गये हैं कि जाम नाम की भी कोई चीज होती है. वाहनों की आवाजाही कम होने से शहर में ट्रैफिक पुलिस ने भी राहत भरी सांस ली तो दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन्हें इस तरह का माहौल काफी पसंद है. सराय मोहल्ले के सलीम ने बताया कि भागलपुर सेतु बनने के बाद भागलपुर शहर में एकाएक आवाजाही बढ़ गयी, पहले तो नवगछिया सहित आस पास के लोगों की आवाजाही बढ़ी फिर कोसी सीमांचल के लोगों की भी यहां आवाजाही बढ़ गयी, जबकि शहर के जितने भी संसाधन हैं, वह समित हैं. न तो संसाधनों में बढ़ती आबादी के अनुसार बढ़ोतरी हुई और न ही सम्यक प्रयास हुआ, लिहाजा, जहां जाएं वहां भीड़, कहीं भी पांच मिनट खड़े रहे तों वाहनों की टक्कर अवश्य दिख जाती है और फिर नोंक झोंक शुरू हो जाता है.

सड़क बन गयी प्ले ग्राउंड

विक्रमशिला सेतु पहुंच पथ (जीरोमाइल से पुल तक) शाम और सुबह के समय स्थानीय बच्चे प्ले ग्राउंड के रूप में उपयोग करते हैं. कुछ युवक यहां दौड़ भी लगाने लगे हैं. बच्चों ने बताया कि सड़क पर क्रिकेट खेलने में उनलोगों को काफी मजा आता है. काश हर दिन के उनलोगों को यह सुविधा मिलता तो बहुत अच्छा होता. जीरोमाइल में रहने वाले वयोवृद्ध सुभाष प्रसाद ने बताया कि पहले चार बजे सुबह वह मार्निंग वॉक करने के लिए जाते थे. लौटते वक्त सड़क पर ट्रैफिक काफी बढ़ जाता था, जिससे हादसे का डर बना रहता था. लेकिन इन दिनों जब वे मार्निंग वॉक करके लौटते हैं तो ट्रैफिक नहीं के बराबर रहता है.

तीन से चार हजार रुपये रोजाना कमाई कर रहे हैं नाविक

भागलपुर जिला में नाव चला कर अपनी आजीविका करने के वाले नाविकों के इन दिनों अच्छे दिन आ गये हैं. रजिस्ट्रेशन करवा कर बरारी घाट, बाबूपुर घाट से नाव का परिचालन करने के वाले कई नाविकों ने बताया कि सेतु टूटने के बाद उनलोगों की कमाई में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है. रोजाना तीन से चार हजार तक की कमाई हो जाती है. लेकिन यह कमाई कब तक चलेगी, यह उनलोगों को नहीं पता. जब एक नाविक से पूछा गया कि क्या आप चाहते हैं कि पुल पर आवागमन चालू नहीं हो ? नाविक हंस कर जबाव देता है, ऐसा क्यों चाहेंगे. मेरी कमाई से ज्यादा जरूरी पुल पर आवागमन प्रारंभ होता है. रोगी, बीमारी, बिजनश, बच्चों की पढ़ाई तो इस पुल के भरोसे है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMIT KR SINHA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >