भागलपुर जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र में रविवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. इमरानपुर पंचायत की पूर्व मुखिया जाहिदा खातून के जनाजे के दौरान नीचे लटके बिजली के तार के संपर्क में आने से करीब 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि 30 से अधिक लोगों ने करंट के तेज झटके महसूस किए. इस हादसे के बाद इलाके में कोहराम मच गया है.
नीचे लटके 11 केवी के तार से सट गया जनाजा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इमरानपुर पंचायत की पूर्व मुखिया जाहिदा खातून (पति मो. अफरोज) का रविवार सुबह निधन हो गया था. सुबह करीब 10:00 बजे उनका जनाजा इमरानपुर से निकाला गया था:
- अचानक हुआ हादसा: जनाजा जैसे ही आगे बढ़ते हुए हबीबपुर अस्पताल के समीप पहुंचा, वहां रास्ते में काफी नीचे लटके हुए बिजली के तार के संपर्क में आ गया.
- दौड़ा करंट: तार में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित होने के कारण जनाजे को कंधा दे रहे और साथ चल रहे लोगों में अचानक करंट फैल गया.
मौके पर मची भगदड़, जान बचाकर भागे बच्चे और महिलाएं
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करंट का झटका लगते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई. कई लोग तड़पते हुए सड़क पर ही गिर पड़े, जिससे वहां अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. साथ चल रहे बच्चे और महिलाएं जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत पावर सब-स्टेशन को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई और सूखी लकड़ियों व अन्य माध्यमों से घायलों को तार की चपेट से बाहर निकाला. इसके बाद निजी वाहनों और एम्बुलेंस की मदद से उन्हें मायागंज अस्पताल भेजा गया.
सरपंच अल्ताफ इमरान की हालत नाजुक, ये लोग हुए घायल
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे लोगों का इलाज जेएलएनएमसीएच में चल रहा है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- अल्ताफ इमरान (30 वर्ष) - सरपंच, इमरानपुर (हालत अत्यंत चिंताजनक)
- मो. खुशहाल (13 वर्ष)
- मो. शाहबाज खान (13 वर्ष)
- मो. अफरोज (32 वर्ष)
जर्जर ट्रांसफार्मर और लटके तारों को लेकर बिजली विभाग पर फूटा गुस्सा
यह पूरी तरह से बिजली विभाग की घोर लापरवाही का नतीजा है. घटनास्थल के पास बिजली के तार कई महीनों से बेहद नीचे लटक रहे थे और वहां लगा भारी ट्रांसफार्मर भी सड़क के बिल्कुल करीब है, जिससे हमेशा खतरे की आशंका बनी रहती थी. विभाग को इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन कोई मरम्मत नहीं कराई गई. अगर समय रहते जर्जर तारों को दुरुस्त कर दिया जाता, तो आज यह बड़ा हादसा नहीं होता. हम जिला प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों व कर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल ले रहे हैं और घटनास्थल का मुआयना कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
