टीएनबी कॉलेज को मॉडल कॉलेज बनाने की कवायद शुरू

टीएनबी कॉलेज को मॉडल कॉलेज के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू कर दी गयी है. शनिवार को उच्च शिक्षा विभाग की चार सदस्यीय इंजीनियर की टीम डीपीआर बनाने क लिए पहुंची थी. चार सदस्यीय टीम ने कॉलेज के भवन के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया. सभी क्लास, प्राचार्य कक्ष, हॉल आदि का नापी कर काम की संभावनाओं का आंकलन किया.

टीएनबी कॉलेज को मॉडल कॉलेज के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू कर दी गयी है. शनिवार को उच्च शिक्षा विभाग की चार सदस्यीय इंजीनियर की टीम डीपीआर बनाने क लिए पहुंची थी. चार सदस्यीय टीम ने कॉलेज के भवन के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया. सभी क्लास, प्राचार्य कक्ष, हॉल आदि का नापी कर काम की संभावनाओं का आंकलन किया. टीम सोमवार को अपना काम पूरा करके जायेगी. बताया जा रहा हे कि कॉलेज को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान से पहले दो करोड़ मिला था. इसमें एक करोड़ 28 लाख रुपये खर्च कर दिया है. शेष राशि का खर्च जून तक किया जाना है. —————– कॉलेज को रिनोवेशन मद में शिक्षा विभाग से मिला है पांच करोड़ – कॉलेज को रिनोवेशन मद में उच्च शिक्षा विभाग से पांच करोड़ की राशि मिली है. इसे लेकर शिक्षा विभाग के निर्देशक डॉ रेखा कुमारी ने कुछ दिन पहले ही कॉलेज प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी. इसके डीपीआर बनाने के लिए टीम में बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद की ओर से तकनीकि सलाहकार विकास कुमार, महबूब रहमानी, जूनियर कंसल्टेंट अर्जुन कुमार व सत्यकेतु आये है. बताया जा रहा है कि फंड जून में जारी हो सकता है. ————————- बीसीए विभाग के सामने में बनेगा आईसीटी भवन – कॉलेज के बीसीए विभाग के सामने आईसीटी भवन का निर्माण कराया जायेगा. पटना से आयी टीम ने जमीन का जायजा लिया. उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस मद में भी पांच करोड़ की राशि जून में जारी किया जायेगा. आईसीटी भवन का निर्माण होने से छात्रों को इसका सीधे फायदा होगा. छात्र-छात्राएं ऑनलाइन देश व विदेश के कॉलेजों, विवि व लाइब्रेरी से सीधे जुड़ जायेंगे. —————————– आईसीटी लैब को लेकर हुआ नापी – कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ एसएन पांडे ने कहा कि शनिवार को टीम ने आईसीटी लैब के लिए नापी किया. आंकलन कर पटना को बताया कि पांच करोड़ रुपये में नहीं, बल्कि दस करोड़ की राशि से आईसीटी लैब बनाना होगा. इसपर पटना की टीम ने कहा कि आपलोग पहले आंकलन कर लें. राशि बढ़ा दी जायेगी. इसके अलावा कॉलेज का रिनोवेशन के लिए भी टीम ने नापी किया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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