bhagalpur news. ई-लाइब्रेरी बढ़ा रहा शोभा, लाभ लेने नहीं आते विद्यार्थी

वर्तमान डिजिटलाइजेशन और आइटी के दौर में ई-लाइब्रेरी का लाभ नहीं मिल पाना स्तब्ध करने वाला है

वर्तमान डिजिटलाइजेशन और आइटी के दौर में ई-लाइब्रेरी का लाभ नहीं मिल पाना स्तब्ध करने वाला है. टीएमबीयू के सेंट्रल लाइब्रेरी स्थित ई-लाइब्रेरी केवल शोभा बढ़ाने का काम कर रहा है. वर्ष 2016 में विवि के नैक मूल्यांकन को लेकर ई-लाइब्रेरी बनाया गया था. नैक टीम ने निरीक्षण करने के बाद ई-लाइब्रेरी की सराहना की थी, लेकिन तब से लेकर अबतक ई-लाइब्रेरी का लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है. दूसरी तरफ लाइब्रेरी के प्रभारी इंचार्ज डॉ आनंद कुमार झा का दावा है कि ई-लाइब्रेरी में इंटरनेट की सुविधा है, लेकिन विद्यार्थी ही इसका लाभ लेने नहीं आते हैं. जबकि पूर्व कुलपति प्रो रमा शंकर दुबे ने कहा कि ई-लाइब्रेरी बनाने का उद्देश्य था कि विवि के विद्यार्थी इसके माध्यम से किताब से जुड़ें. शोधार्थी देश के बढ़िया-बढ़िया शोध थीसिस को देख सकें. इस दिशा में सामाजिक स्तर पर नया शोध कार्य करें, लेकिन इस दिशा में कुछ नहीं हो सका. कहा कि वर्तमान में लाइब्रेरी में चोरी की घटना के बाद से इंटरनेट की सुविधा बंद है. इसे लेकर विवि प्रशासन को पत्र लिखा गया है. इंटरनेट की सुविधा मिलते ही व्यवस्था करायी जायेगी. विवि प्रशासनिक भवन में 21 कंप्यूटर का उपयोग ई-लाइब्रेरी के लिए 38 कंप्यूटर खरीदे गये थे. इसके लिए कमरा को भी हाईटेक रूप में तैयार किया गया था, लेकिन विद्यार्थियों के यहां नहीं आने पर कुछ कंप्यूटर ताे खराब हो चुके हैं. करीब 21 कंप्यूटर परीक्षा विभाग सहित अन्य विभाग में उपयोग में किया जा रहा है. शोधार्थियों के नहीं आने से शोध कक्ष बंद पड़ा सेंट्रल लाइब्रेरी स्थित शोधार्थियों की सुविधा के लिए शोध कक्षों का निर्माण कराया गया था, लेकिन छात्रों के यहां नहीं आने से शोध कक्ष वर्षों से बंद पड़ा है. शोध की सारी व्यवस्था होने के बावजूद शोध छात्रों द्वारा उन कक्षों का उपयोग नहीं किया जाना उनके शोध की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है. लाइब्रेरी में शोध छात्रों के लिए 20 शोध कक्षों का निर्माण कराया गया था. हालात यह है वर्षों से यह बंद पड़ा है. शोध कक्ष धूल व झोल से पटा है. कुछ शोध कक्ष का दरवाजा व खिड़कियां टूट चुकी है. स्टूडेंट ही नहीं आते हैं : लाइब्रेरी इंचार्ज विवि लाइब्रेरी के प्रभारी इंचार्ज डॉ आनंद कुमार झा ने कहा कि ई-लाइब्रेरी में इंटरनेट की व्यवस्था थी. लाइब्रेरी में चोरी की घटना के बाद से सुविधा फिलहाल बंद है. लाइब्रेरी के प्रति विद्यार्थियों का रुझान कम हो रहा है. उतना ही पढ़ते हैं कि जिससे प्रश्न पत्र आये. कहा कि ई-लाइब्रेरी में फिलहाल लाइब्रेरी साइंस के छात्रों को प्रशिक्षित किया जाता है.

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Author: ATUL KUMAR

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