इंटर स्तरीय जिला स्कूल छात्रावास के छात्र पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार मौखिक रूप से प्रभारी प्राचार्या शतदल मंजरी को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन इस दिशा में ठोस पहल नहीं की गयी.
इसके बाद छात्र सामूहिक रूप से आवेदन लेकर प्राचार्य से मिले. छात्रों को भरोसा था कि समस्या का समाधान हो जायेगा. विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ाते हुए उनकी शिकायत को अनुशासनहीनता माना गया.
मामले में प्रभारी प्राचार्य की ओर से हास्टल अधीक्षक को पत्र जारी कर छात्रों को छात्रावास खाली कराने का निर्देश दिया है. इससे छात्र असमंजस की स्थिति में हैं. उनका कहना है कि अपनी मूलभूत समस्या भी नहीं रखें, तो फिर समाधान के लिए कहा जाये. छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी की समुचित व्यवस्था करायी जाये. आदेश पर पुनर्विचार किया जाये. वहीं, प्राचार्य ने कहा कि वहां पानी की पर्याप्त व्यवस्था है. खाली कराने की वजह जर्जर छात्रावास है. कभी भी किसी प्रकार का हादसा होने की संभावना है. ऐसे में छात्रों को छात्रावास खाली कराने का निर्देश दिया गया है.
