धनौरा पंचायत के 500 घरों में पांचवें दिन भी पेयजल संकट, ठेकेदार की लापरवाही पर ग्रामीणों में आक्रोश

Dhanaura Drinking Water Crisis: कहलगांव प्रखंड की धनौरा पंचायत के तीन वार्डों में पीएचईडी की बोरिंग खराब होने से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है; बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.

कहलगांव (भागलपुर) से असद अशरफी की रिपोर्ट

Dhanaura Drinking Water Crisis: भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड अंतर्गत धनौरा पंचायत में सुस्त प्रशासनिक रवैये के कारण गंभीर पेयजल संकट (Water Crisis) पैदा हो गया है. पंचायत के वार्ड संख्या 12, 13 और 14 के करीब 500 घरों में पिछले पांच दिनों से नल-जल योजना की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है. वार्ड संख्या 14 स्थित लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) का मुख्य बोरिंग खराब होने के कारण तीनों वार्डों की आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है. भीषण गर्मी और उमस के बीच पांच दिन बीत जाने के बाद भी खराबी दुरुस्त न होने से स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है.

बाजार से पानी खरीदने को मजबूर लोग; चापाकलों पर लगी कतारें

  • जलापूर्ति का मुख्य स्रोत: ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड 14 में स्थापित इसी सरकारी बोरिंग के पंप हाउस से तीनों प्रभावित वार्डों के सैकड़ों परिवारों को रोजाना पीने का पानी सप्लाई किया जाता था. इसके बंद होने से पूरा सिस्टम ठप है.
  • आर्थिक बोझ और परेशानी: पानी की किल्लत के कारण संपन्न लोग बाजार से जार का पानी खरीदने को मजबूर हैं, जबकि गरीब परिवारों को दैनिक उपयोग और खाना पकाने के लिए दूर-दराज के खेतों में लगे चापाकलों से पानी ढोना पड़ रहा है. इस समस्या से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है.

ठेकेदार की लापरवाही से आक्रोश; ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय नागरिकों ने विभाग के संवेदक (ठेकेदार) पर सरकारी कार्यों में घोर उदासीनता बरतने का सीधा आरोप लगाया है.

स्थानीय निवासी गुड्डू चौधरी, दीपक ठाकुर, मिथुन कुमार, विक्की और सहालम ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि बोरिंग और मोटर पंप जलने की लिखित व मौखिक सूचना पहले ही दिन पीएचईडी के कनीय अभियंता और संबंधित ठेकेदार को दे दी गई थी. इसके बावजूद पांच दिनों तक ठेकेदार ने कार्यस्थल पर झांकना तक मुनासिब नहीं समझा. विभाग केवल कागजी आश्वासन दे रहा है. अगर अगले 24 घंटे के भीतर बोरिंग ठीक कर जलापूर्ति बहाल नहीं की गई, तो सैकड़ों ग्रामीण पीएचईडी कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन करेंगे.

Dhanaura Drinking Water Crisis: जल्द समस्या सुलझाने का दावा: कनीय अभियंता

सैकड़ों घरों में पानी की त्राहि-त्राहि के बीच पीएचईडी विभाग अब रेस होता नजर आ रहा है. मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएचईडी के कनीय अभियंता (JE) राजकमल चौधरी ने बताया कि मोटर पंप में आई तकनीकी खराबी की आधिकारिक जानकारी मिली है. संबंधित संवेदक को अल्टीमेटम जारी करते हुए तत्काल नया मोटर पंप सेट कर जलापूर्ति सुचारू करने का कड़ा निर्देश दिया गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर जल्द से जल्द इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करा लिया जाएगा.

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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