कमरगंज पंचायत सैनिकों और पुलिसकर्मियों का गांव कहा जाता. यह ऐसा गांव है, जहां हर घर से किसी न किसी पुरुष ने देश सेवा या आंतरिक सुरक्षा में अपनी भागीदारी निभायी है. अब गांव की बेटियां पुलिस सेवाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं. करीब 15 हजार की आबादी वाली कमरगंज पंचायत में 2019 से 2022 के बीच चार बेटियों ने बिहार दारोगा परीक्षा में सफलता हासिल कर विभिन्न जिलों में पदस्थापन प्राप्त किया है. एक बेटी चिकित्सा सेवा में गांव का नाम रोशन किया है. कमरगंज के अनिरुद्ध यादव की पुत्री अंजनी कुमारी बिहार पुलिस में दारोगा के पद पर चयनित हो वर्तमान में ट्रैफिक थाना, दरभंगा में पदस्थापित हैं. दूसरी पुत्री अर्पणा कुमारी गाजियाबाद में एमबीबीएस के तृतीय वर्ष की छात्रा हैं. इसी पंचायत जहांगीरा के मुरलीधर गुप्ता की पुत्री शानू गुप्ता सासाराम जिले में दारोगा पद पर कार्यरत हैं. कमरगंज के अंगद यादव की पुत्री श्यामली कुमारी दारोगा पद पर चयनित हो वर्तमान में बेतिया में पदस्थापित हैं. दूसरी पुत्री जूही कमल नवगछिया में प्लस टू विद्यालय में शिक्षिका के रूप में सेवा दे रही है. जहांगीरा के विजय रजक की पुत्री ममता कुमारी का दारोगा पद पर चयन हुआ है और वह गया जिले के इमामगंज में पदस्थापित हैं. गांव में रह कर ही सभी ने सफलता प्राप्त की है. कमरगंज पंचायत ने आज बेटियों की सफलता से महिला सशक्तीकरण का मिसाल पेश किया है.
कहते हैं अभिभावक
गांव के अभिभावकों व जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यहां हर घर से कोई न कोई व्यक्ति देश सेवा या आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा है. अब बेटियां इसी परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं. कमरगंज के अनिरुद्ध यादव बताते हैं कि गांव में पुरुषों के साथ-साथ अब बेटियां भी पुलिस सेवा में आगे आ रही हैं, जिससे गांव की अलग पहचान बनी है. जहांगीरा के मुरलीधर गुप्ता ने कहा कि यदि बेटियां अभी से लक्ष्य तय कर तैयारी करें, तो नये साल में सफलता हासिल कर सकती हैं. पूर्व मुखिया अंगद यादव ने कहा कि मेरी एक बेटी ने दारोगा और पीएचईडी की नौकरी छोड़ शिक्षक पद को चुना और बच्चों को पढ़ा रही है.कहते हैं मुखिया
पंचायत स्तर पर बेटियों को सरकारी नौकरी के प्रति जागरूक किया जा रहा है. प्रतियोगी परीक्षाओं से गांव में सकारात्मक माहौल बना है. क्विज प्रतियोगिता, सामूहिक पढ़ाई और शारीरिक दक्षता की तैयारी के लिए पंचायत स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. होमगार्ड बहाली में भी पंचायत की पांच महिलाओं ने सफलता हासिल की है. एक दर्जन पुरुषों ने बाजी मारी है. अभिभावक बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.भरत कुमार, मुखिया कमरगंज, सुलतानगंज.
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