bhagalpur nws. संघ के सचिव पद को लेकर घमासान, शिक्षकों ने कहा- जबरदस्ती नहीं थोपे अधिकारी

एसएम कॉलेज में शिक्षक संगठन भुस्टा चुनाव को लेकर सोमवार को बैठक हुई

एसएम कॉलेज में शिक्षक संगठन भुस्टा चुनाव को लेकर सोमवार को बैठक हुई. इसमें सचिव पद को लेकर शिक्षकों के बीच घमासान रहा. बैठक में दो शिक्षक के बीच सचिव पद को लेकर जमकर बहसबाजी हुई. आखिरकार चुनाव टल गया. अब मई के पहले सप्ताह में नियमानुसार ही चुनाव कराया जायेगा. शिक्षकों का कहना था कि जबरदस्ती सचिव नहीं थोपे. हालांकि, बैठक में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित नाम तय हो चुका था.

दरअसल, एसएम कॉलेज में भुस्टा इकाई के तहत नये सिरे से चुनाव होना है. इसे लेकर कॉलेज संघ की उपाध्यक्ष डॉ आशा ओझा की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें विवि स्तर पर भुस्टा के कार्यकारी प्रधान सचिव प्रो जगधर मंडल व टीएनबी कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ मुश्फिक आलम मौजूद थे. जब बैठक शुरू हुई, तो एक सचिव के नाम का प्रस्ताव रखा गया. इसे लेकर दूसरे शिक्षक ने प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया. दोनों शिक्षक के बीच तीखी बहसबाजी हुई. इसके बाद शिक्षकों के दो गुट में बंट गये. भुस्टा प्रतिनिधि हंगामे के बीच तय नहीं कर पाये कि कैसे कमेटी का गठन हो. ऐसे में शिक्षकों के बीच सहमति बनी कि चुनाव कराकर ही कमेटी का गठन किया जायेगा. इस बाबत चुनाव को लेकर कॉलेज स्तर पर तीन सदस्यीय चुनाव कमेटी का गठन किया है. इसमें डॉ श्वेता सिंह कोमल संयोजक है. डॉ लोकेश कुमार व डॉ रेशम सदस्य है.

केंद्रीय कमेटी में शामिल को चुनाव लड़ना नियमानुसार गलत

शिक्षकों का कहना था कि भुस्टा के केंद्रीय कमेटी में जो सदस्य के रूप में शामिल हैं. उन्हें चुनाव में लड़ना नियमानुसार गलत है. ऐसे में दो पद पर नहीं रह सकते हैं. बता दें कि पूर्व प्राचार्य डॉ रमण सिन्हा के समय से ही अध्यक्ष पद खाली है.

11 पद के लिए होगा चुनाव

एसएम कॉलेज में भुस्टा इकाई के लिए कुल 11 पद के लिए चुनाव होगा. इसमें अध्यक्ष पद एक, उपाध्यक्ष एक, सचिव एक, संयुक्त सचिव दो, कोषाध्यक्ष एक व कार्यकारिणी सदस्य के लिए छह पद के लिए चुनाव होगा.

कोट –

चुनाव हो जाने से संगठन मजबूत होता है. साथ ही शिक्षकों की समस्या को बेहतर ढंग से विवि प्रशासन के समक्ष रखा जाता. कॉलेज स्तर पर भी शिक्षकों के मामलों को देखा जाता है.

डॉ आनंद शंकर, सीनेट सदस्य

लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सभी पद के लिए चुनाव होना चाहिए. अचानक से चुनाव नहीं होता है. चुनाव की तिथि तय कर घोषित की जाती है, ताकि सभी शिक्षक चुनाव में भाग ले सके.

डॉ दीपक कुमार दिनकर, शिक्षक

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By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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