स्वीट बेबी कॉर्न लायेगी किसानों के चेहरे पर चमक

स्वीट बेबी कॉर्न की खेती कराने का उद्देश्य यह है कि किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी के लिए नगदी फसलों को प्रोत्साहित किया जाये. बाजार में अच्छी कीमत के चलते स्वीट बेबी कॉर्न उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि होगी. योजना का कार्यान्वयन 10 जिलों पटना, नालंदा, गया, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय भागलपुर, सुपौल, पूर्णिया व किशनगंज में किया जायेगा.

बिहार में व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 10 जिलों में स्वीट बेबी कॉर्न की खेती की जायेगी. इन 10 जिलों में भागलपुर में भी होनेवाली खेती का लक्ष्य कृषि विभाग ने तय कर दिया है. साथ ही डीएम व जिला कृषि पदाधिकारी को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार स्वीट बेबी कॉर्न की खेती का काम कराने का निर्देश दिया है. इसे वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही लागू करने का निर्देश है.

स्वीट बेबी कॉर्न की खेती कराने का उद्देश्य यह है कि किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी के लिए नगदी फसलों को प्रोत्साहित किया जाये. बाजार में अच्छी कीमत के चलते स्वीट बेबी कॉर्न उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि होगी. योजना का कार्यान्वयन 10 जिलों पटना, नालंदा, गया, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय भागलपुर, सुपौल, पूर्णिया व किशनगंज में किया जायेगा.

किसानों के बीच होगा बीज वितरण

अनुदानित दर पर बीज वितरण कार्यक्रम को सम्मिलित किया गया है. बीज वितरण के लिए कृषकों का चयन कर किया जायेगा. किसानों को ससमय बीज उपलब्ध कराने की जवाबदेही जिला कृषि पदाधिकारी की होगी. बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड, पटना द्वारा अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराया जायेगा. बीज 1500 रुपये प्रति किलोग्राम या लागत का 50 प्रतिशत जो भी कम हो, देय होगा. एक लाभान्वित कृषक को अधिकतम पांच एकड़ के बीज पर अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा.

कृषि वेबसाइट पर निबंधित किसानों को मिलेगा लाभ

कृषि विभाग की वेबसाइट पर निबंधित किसानों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा. इच्छुक किसान या किसानों का समूह लक्ष्य के अंतर्गत इस कार्यक्रम के लिये पात्र होंगे.

लाभार्थी किसानों का ऐसे होगा चयन

जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जिले के लिये निर्धारित लक्ष्य के अनुसार किसानों का चयन किया जायेगा. कार्यक्रम के संबंध में पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा. किसान सलाहकार की मदद से लाभुक किसानों का चयन होगा.

भागलपुर के लिए यह है लक्ष्य

212 किलोग्राम बीज वितरण

3.18000 लाख रुपये अनुदान

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By Prabhat Khabar News Desk

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