बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित मद्य निषेध दारोगा (अवर निरीक्षक) भर्ती परीक्षा रविवार को भागलपुर शहरी क्षेत्र के सभी निर्धारित केंद्रों पर सख्त प्रशासनिक पहरे और चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है. कदाचारमुक्त और निष्पक्ष परीक्षा संचालन के लिए जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है.
बायोमेट्रिक और त्रिस्तरीय जांच के बाद ही मिला प्रवेश
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने के लिए आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया:
- कड़ा टाइम टेबल: केंद्र अधीक्षकों को दिए गए सख्त निर्देशों के आलोक में परीक्षार्थियों को सुबह 09:30 बजे से ही केंद्रों में प्रवेश देना शुरू कर दिया गया था, जिसे सुबह 10:30 बजे पूरी तरह बंद कर दिया गया. देर से आने वाले किसी भी अभ्यर्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली.
- इन पहचान पत्रों की थी अनिवार्यता: मोक्षदा बालिका उच्च विद्यालय, जिला स्कूल और गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल सहित सभी 20 केंद्रों पर अभ्यर्थियों को उनके एडमिट कार्ड के साथ आधार कार्ड या अन्य फोटोयुक्त पहचान पत्र और हाल ही में खींची गई पासपोर्ट आकार की नई फोटो प्रस्तुत करने पर ही प्रवेश दिया गया.
इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रही पूरी तरह पाबंदी
कदाचार रोकने और तकनीकी धांधली को नाकाम करने के लिए परीक्षा केंद्रों के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गजट के ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है:
- मोबाइल फोन और ब्लूटूथ डिवाइस
- स्मार्ट वॉच (Smart Watch) और फिटनेस बैंड
- कैलकुलेटर और किसी भी तरह के डिजिटल संचार उपकरण
सभी केंद्रों के मुख्य द्वार पर ही अभ्यर्थियों की सघन शारीरिक तलाशी ली गई. जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी और उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वाड) की टीमें लगातार केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं, ताकि परीक्षा को शांतिपूर्ण और जीरो-टॉलरेंस नीति के साथ संपन्न कराया जा सके.
