विजय कुमार सिन्हा का बड़ा ऐलान, राजस्व सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन, दलालों की एंट्री बंद

Bihar Bhumi: विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि फर्जी कागजात के आधार पर व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर प्रत्येक अंचल में प्राथमिकी दर्ज करने के सख्त आदेश जारी किये गये हैं. सभी अंचल कार्यालयों में सूचना पट अनिवार्य की गयी है. इसमें तमाम अधिकारियों के मोबाइल नंबर रहेंगे.

Bihar Bhumi: डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि फर्जी कागजात के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी. सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे लोगों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का अधिकार दे दिया गया है. इस अधिकार का सही दिशा में उपयोग कर सही कार्य में बाधा डालने वाले भूमाफियाओं को जेल के अंदर भेजें.

सभी सेवाएं ऑनलाइन, हर अंचल में खुले सीएससी केंद्र

डिप्टी सीएम ने बताया कि विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गयी हैं. आम लोगों को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ आसानी से मिले, इसके लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी केंद्र खोले गये हैं. यहां प्रशिक्षित वीएलई तय मामूली शुल्क पर आवेदन प्रक्रिया के साथ उचित परामर्श भी देंगे.

फर्जी कागजात पर सीधी कार्रवाई

डिप्टी सीएम ने कहा कि फर्जी कागजात के आधार पर कार्यों में बाधा डालने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी. सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को ऐसे तत्वों पर प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार दे दिया गया है. सही कार्य में बाधा डालने वाले माफियाओं को जेल भेजना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी.

उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली के केंद्र में बिहार की जनता है. पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी प्रकार के दलाल, बिचौलिये या भू-माफिया की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सही व्यक्ति किसी भी स्थिति में पीड़ित नहीं होगा, जबकि नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है.

ऑनलाइन नकल से लेकर ऑपरेशन भूमि दखल देहानी तक

डिप्टी सीएम ने कहा कि 1 जनवरी 2026 से राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन उपलब्ध करायी गयी है, जिसे पूर्ण वैधानिक मान्यता प्राप्त है. नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की व्यवस्था लागू की गयी है. एससी-एसटी पर्चाधारियों को शत-प्रतिशत दखल दिलाने के लिए ऑपरेशन भूमि दखल देहानी शुरू किया गया है.

परिमार्जन प्लस और बंटवारा प्रक्रिया के लिए समय-सीमा तय

परिमार्जन प्लस के मामलों के लिए 15, 35 और 75 कार्य दिवस की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गयी है. पारिवारिक बंटवारा पोर्टल से अब बंटवारा और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया सरल हुई है. पुराने दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और मापी के मामलों के निष्पादन के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिये गये हैं.

थाना नहीं, अब अंचल में लगेगा जनता दरबार

हर शनिवार को थाना की जगह अंचल कार्यालय में जनता दरबार आयोजित किया जायेगा. राजस्व कर्मचारी अब अपने पंचायत भवन में बैठकर काम करेंगे. मापी के बाद प्रतिवेदन ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है. एक से अधिक पंचायत के प्रभार वाले राजस्व कर्मचारी रोस्टर के हिसाब पंचायत भवन में बैठेंगे. वीडियो कॉल से उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जायेगी. इसकी मॉनीटरिंग होगी.

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सरकारी जमीन पर गलत जमाबंदी पर सख्ती, स्थगन के आदेश

सरकारी भूमि की गलत जमाबंदी पर तत्काल स्थगन के आदेश दिये गये. साथ ही सभी जिलों में लैंड बैंक निर्माण के निर्देश जारी किये गये हैं.

अच्छे काम पर सम्मान, लापरवाही पर कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले टॉप तीन अंचल अधिकारियों को विभागीय स्तर पर सम्मानित किया जायेगा. वहीं, लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनैतिक आचरण के मामलों में कठोर कार्रवाई की जायेगी.

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मार्च तक मामलों के समाधान का लक्ष्य, फिर सिर्फ माफियाओं पर रहेगी नजर

विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह नयी पहल ईमानदारी से समाधान की दिशा में बड़ा कदम है. इस वर्ष अंचल अधिकारियों को व्यापक अधिकार दिये गये हैं, जिनका उपयोग भू-माफियाओं के खात्मे में किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मार्च तक अधिकांश समस्याओं के समाधान का लक्ष्य तय किया गया है. इसके बाद सिर्फ माफियाओं पर नजर रहेगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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