Bhagalpur Weather Update: अगर आप भागलपुर या दक्षिण बिहार के किसी जिले में रहते हैं तो अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के अनुसार 8 से 12 जुलाई के बीच बारिश, गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को वर्षा के पानी का बेहतर उपयोग करते हुए धान की बुआई और रोपाई समय पर पूरी करने की सलाह दी है.
12 जुलाई तक सक्रिय रहेगा मानसून
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर और भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 8 से 12 जुलाई के दौरान भागलपुर सहित दक्षिण बिहार के कई जिलों में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. लगातार बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने से उमस से राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है.
तापमान रहेगा नियंत्रित, तेज चलेगी पुरवा हवा
मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा और दक्षिण-पूर्व दिशा से 15 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. मौसम में इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है.
10 जुलाई तक पूरी करें धान की बुआई
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किसानों से अपील की है कि पिछले दो दिनों में हुई बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग करें. उन्होंने कहा कि किसान 10 जुलाई तक हर हाल में धान की बुआई पूरी कर लें. विशेष रूप से सबौर दीप, प्रभात, शुष्क सम्राट और सहभागी जैसी किस्मों की बुआई के लिए यह समय उपयुक्त है.
बीज उपचार और नर्सरी प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि बुआई से पहले बीजों का कार्बेन्डाजिम 2.0 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार अवश्य करें. इससे बीज जनित रोगों का खतरा कम होगा और फसल की शुरुआती बढ़वार बेहतर होगी. साथ ही 10 से 15 दिन की नर्सरी में समय पर निराई-गुड़ाई करने की भी सलाह दी गई है.
इन धान किस्मों की रोपाई का है सही समय
विशेषज्ञों के अनुसार मध्यम अवधि वाली धान की किस्में जैसे राजेन्द्र नीलम, राजेन्द्र कस्तूरी और राजेन्द्र श्वेता की रोपाई अब की जा सकती है. वहीं सबौर मोती धान और सबौर सोना जैसी उन्नत किस्मों की सीधी बुआई भी इस मौसम में लाभदायक रहेगी. मौसम अनुकूल रहने से किसानों को बेहतर उत्पादन मिलने की संभावना है.
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने और गरज-चमक के दौरान खेतों में काम करने से बचने की भी अपील की है.
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