अमडंडा थाना में ड्रग लेते युवक का वीडियो वायरल, पुलिस पर 32 हजार लेकर छोड़ने का आरोप, एसएसपी ने दिया जांच का आदेश

अमडंडा थाना में कथित रूप से स्मैक का सेवन करते दो युवकों का वीडियो वायरल होने के बाद भागलपुर पुलिस हरकत में आ गयी है. मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिये हैं.

भागलपुर से ऋषभ मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट

Bhagalpur News : अमडंडा थाना में कथित रूप से स्मैक का सेवन करते दो युवकों का वीडियो वायरल होने के बाद भागलपुर पुलिस हरकत में आ गयी है. वीडियो में एक युवक अमडंडा थाना परिसर में माचिस जलाकर किसी संदिग्ध पदार्थ का सेवन करता हुआ दिखाई दे रहा है. इसी कड़ी में एक अन्य वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया है कि थाना पुलिस ने युवक को हिरासत में लेने के बाद कथित रूप से 32 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ दिया.

एसएसपी की अपील, जांच पूरी होने तक भ्रामक सूचनाओं पर नहीं दें ध्यान

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिये हैं. उन्होंने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, कहलगांव-एक को निष्पक्ष, विस्तृत और तथ्यपरक जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. एसएसपी ने स्पष्ट कहा है कि जांच रिपोर्ट में यदि आरोप प्रथमदृष्टया सही पाया जाता है तो मामले में संलिप्त पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध विभागीय और विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि भागलपुर पुलिस किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में लापरवाही को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी. पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो कुछ दिन पुराना है. हालांकि, वीडियो की सत्यता, घटना की परिस्थितियों और उससे जुड़े सभी आरोपों की जांच कराई जा रही है. एसएसपी ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना का प्रसार न करें.

वायरल वीडियो में क्या है युवक का आरोप

वीडियो बनाने वाला व्यक्ति खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता बता रहा है. उक्त वीडियो में बोरा गांव के संदीप कुमार सिंह बताते हैं कि सूरज नाम के लड़के द्वारा मुखबिरी करने पर उसको (संदीप सिंह) और पवन को पुलिस ने स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उसकी तलाशी ली गयी तो स्मैक सहित अन्य सामग्री पुलिस ने ले ली. संदीप स्वीकार करता है कि उसने कुछ ब्राउन शुगर छिपा कर रखा था, जिसे पुलिस पकड़ नहीं सकी. जिसका वह थाना में ही सेवन कर रहा है. संदीप ने वीडियो में यह भी बताया है कि शाम में पकड़ा गया था. उसके पिता और अन्य लोगों ने थाना पहुंच कर उसे मुक्त करवाया. युवक का आरोप है कि पुलिस ने उसके पिता से 25 हजार रुपया लिया तो दूसरे लड़के के अभिभावक से सात हजार रुपये लिये. जबकि, तीसरा लड़का सूरज था जो पुलिस का मुखबिर था. रात्रि में उनलोगों को रोटी सब्जी खाने में दी गयी तो सूरज को मटन खिलाया गया. प्रभात खबर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है, मामले में पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आयेगी.

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Published by: AJEET KUMAR

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