Bhagalpur News: बिहार में नियोजन व्यवस्था समाप्त होने के बाद भी नवगछिया अनुमंडल के तीन प्रखंडों में 170 से अधिक नियोजित शिक्षक अब तक उसी व्यवस्था के तहत कार्यरत हैं. शिक्षा विभाग ने सक्षमता परीक्षा के जरिए उन्हें राज्यकर्मी शिक्षक बनने और वरीयता के आधार पर स्थानांतरण का कई बार अवसर दिया, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षक अब भी परीक्षा में शामिल नहीं हुए हैं.
विभाग अब एक बार फिर परीक्षा का मौका दे रहा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने अवसर मिलने के बाद भी शिक्षक सक्षमता परीक्षा से दूरी क्यों बना रहे हैं.
राज्यकर्मी शिक्षक बनने का रास्ता, फिर भी नहीं दे रहे परीक्षा
शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था के अनुसार सक्षमता परीक्षा में सफल होने वाले नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी शिक्षक का दर्जा मिलने का अवसर मिलता है. इसके साथ ही उन्हें अपनी वरीयता के अनुसार स्थानांतरण का लाभ भी मिल सकता है. विभाग अब तक कई चरणों में परीक्षा आयोजित कर चुका है, लेकिन कुछ शिक्षक लगातार परीक्षा से बाहर रहे हैं.
अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा में शामिल न होने के कारण ये शिक्षक अब भी अपनी मूल नियोजन इकाई के अधीन कार्यरत हैं, जबकि अन्य कई शिक्षक नई व्यवस्था का लाभ लेकर राज्यकर्मी शिक्षक बन चुके हैं.
गोपालपुर में सबसे अधिक नियोजित शिक्षक
गोपालपुर प्रखंड में प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में 68 नियोजित शिक्षक कार्यरत हैं. इसके अलावा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 3 शिक्षक अब भी नियोजन व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं. इस प्रकार गोपालपुर में कुल 71 शिक्षक अभी तक सक्षमता परीक्षा के माध्यम से राज्यकर्मी शिक्षक नहीं बन पाए हैं.
इस्माईलपुर में 33 शिक्षक अब भी पुरानी व्यवस्था में
इस्माईलपुर प्रखंड में प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में 32 नियोजित शिक्षक कार्यरत हैं. वहीं उच्च माध्यमिक विद्यालय में जिला परिषद से नियोजित 1 शिक्षक अब भी उसी व्यवस्था के अधीन हैं. कुल मिलाकर यहां 33 शिक्षक सक्षमता परीक्षा से बाहर हैं.
नवगछिया प्रखंड में 67 शिक्षक नियोजन इकाई के अधीन
नवगछिया प्रखंड में स्थिति भी लगभग इसी तरह की है. यहां 56 प्रखंड एवं पंचायत शिक्षक, 10 नगर परिषद क्षेत्र के शिक्षक और 1 उच्च माध्यमिक शिक्षक अब भी नियोजन इकाई के तहत कार्यरत हैं. इस तरह नवगछिया में कुल 67 शिक्षक पुरानी व्यवस्था में बने हुए हैं.
आखिर परीक्षा से दूरी क्यों बना रहे शिक्षक
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार सक्षमता परीक्षा नियोजित शिक्षकों को नई सेवा व्यवस्था में शामिल होने का अवसर देती है. परीक्षा पास करने के बाद वे विभागीय शिक्षक के रूप में कार्य कर सकते हैं और नियोजन इकाई की सीमाओं से बाहर आ सकते हैं.
हालांकि कई शिक्षक अब भी परीक्षा में शामिल नहीं हुए हैं. विभाग का कहना है कि उनके लिए फिर से परीक्षा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि कोई भी शिक्षक इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए.
Bhagalpur News: विभाग की कोशिश, सभी शिक्षक नई व्यवस्था में आएं
शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि सभी नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा के माध्यम से मुख्यधारा में शामिल हों और नई शिक्षक सेवा व्यवस्था का लाभ उठाएं. अधिकारियों ने शिक्षकों से अपील की है कि वे परीक्षा में शामिल होकर राज्यकर्मी शिक्षक बनने के अवसर का लाभ लें.
यदि शेष शिक्षक भी सक्षमता परीक्षा में सफल हो जाते हैं, तो उन्हें नियोजन इकाई की व्यवस्था से बाहर निकलने और विभागीय सेवा की नई संरचना में शामिल होने का अवसर मिलेगा. फिलहाल नवगछिया अनुमंडल के गोपालपुर, इस्माईलपुर और नवगछिया प्रखंड में 171 नियोजित शिक्षक अब भी पुरानी व्यवस्था के तहत कार्यरत हैं.
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