गंगा किनारे बनेगा 50 एकड़ का बायोडायवर्सिटी पार्क, जमीन तलाशने की प्रक्रिया तेज, जल्द होगी जिला स्तरीय बैठक

Bhagalpur News: भागलपुर में गंगा नदी के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए 50 एकड़ में बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. यह पहल NGT के निर्देश पर हो रही है और इससे भागलपुर इको-टूरिज्म का नया केंद्र बन सकता है.

भागलपुर से रिपोर्ट

Bhagalpur News: भागलपुर में गंगा नदी के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देश पर गंगा तट के किनारे करीब 50 एकड़ क्षेत्र में बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए वन विभाग ने जिला प्रशासन से जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया तेज करने का अनुरोध किया है. यदि यह परियोजना साकार होती है तो इससे गंगा का पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा, जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा और भागलपुर पर्यावरणीय पर्यटन के नए केंद्र के रूप में भी उभर सकता है.

गंगा संरक्षण के लिए शुरू हुई बड़ी पहल

भागलपुर में गंगा तट पर बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने की योजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है. वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पार्क के लिए उपयुक्त भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू करने और इस विषय पर जल्द जिला स्तरीय बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया है.

वन विभाग का कहना है कि यह परियोजना नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों के अनुरूप लागू की जानी है. इसके लिए जिला प्रशासन, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी होगा.

50 एकड़ जमीन की तलाश, गंगा किनारे बनेगा पार्क

सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बायोडायवर्सिटी पार्क के निर्माण के लिए कम से कम 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी. यह जमीन गंगा नदी के तटीय क्षेत्र में चिन्हित की जाएगी, ताकि प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखते हुए जैव विविधता का संरक्षण किया जा सके.

भूमि चयन के बाद परियोजना की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी और निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा.

क्या होता है बायोडायवर्सिटी पार्क?

बायोडायवर्सिटी पार्क ऐसा संरक्षित क्षेत्र होता है, जहां किसी विशेष इलाके के पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं और सूक्ष्म जीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में संरक्षित और विकसित किया जाता है.

ऐसे पार्क केवल हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता बचाने और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

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भागलपुर को मिलेंगे कई बड़े फायदे

गंगा किनारे बायोडायवर्सिटी पार्क बनने से स्थानीय स्तर पर विलुप्त होती वनस्पतियों और जीवों की प्रजातियों के संरक्षण में मदद मिलेगी. यह पार्क हवा और पानी की गुणवत्ता सुधारने में भी सहायक होगा.

इसके अलावा यह शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए अध्ययन और जागरूकता का प्रमुख केंद्र बन सकता है. गंगा तट पर हरित क्षेत्र विकसित होने से भू-कटाव रोकने और नदी के इकोसिस्टम को मजबूत करने में भी सहायता मिलेगी.

जिला प्रशासन की बैठक के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

वन विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के बाद अब जिला प्रशासन जल्द बैठक आयोजित कर उपयुक्त भूमि चिन्हित करने की दिशा में निर्णय ले सकता है. भूमि उपलब्ध होने के बाद परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी.

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना समय पर लागू होती है तो भागलपुर में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ इको-टूरिज्म को भी नई पहचान मिलेगी और गंगा संरक्षण अभियान को मजबूती मिलेगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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