भागलपुर से अहमदाबाद के बीच 28 अगस्त से शुरू हो रही नई 'अमृत भारत एक्सप्रेस' (ट्रेन संख्या 19424) को लेकर यात्रियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है. आलम यह है कि इस ट्रेन की लोकप्रियता ने दो साल पहले शुरू हुई 'वंदे भारत एक्सप्रेस' को भी पीछे छोड़ दिया है. अमूमन किसी नई ट्रेन के पहले दिन सीटें खाली रह जाती हैं, लेकिन अमृत भारत एक्सप्रेस में उद्घाटन के दिन (28 अगस्त) के लिए भी एक भी कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है. बुकिंग शुरू होने के महज चार दिन के भीतर ही यह पूरी तरह 'फुल' हो चुकी है.
4 दिन में सीटें फुल, 4 सितंबर के लिए 82 वेटिंग
इस नई ट्रेन को लेकर भागलपुर और आसपास के लोगों में टिकट कटाने की होड़ मच गई है:
- रिकॉर्ड बुकिंग: 20 अगस्त को इस ट्रेन के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू हुई थी और महज तीन दिन बाद, यानी 23 अगस्त को ही सारी सीटें बुक हो गईं और टिकट 'वेटिंग' में चला गया.
- उद्घाटन के दिन नो-रूम: 28 अगस्त को जिस दिन ट्रेन भागलपुर से पहली बार रवाना होगी, उस दिन भी यात्रियों को कंफर्म सीट नहीं मिल रही है.
- आगे भी लंबी वेटिंग: 4 सितंबर को भागलपुर से खुलने वाली इस ट्रेन में वेटिंग का आंकड़ा और अधिक हो गया है. अभी से ही इस दिन के लिए 82 वेटिंग चल रही है.
- क्या है शेड्यूल: यह ट्रेन हर बुधवार को अहमदाबाद से और हर शुक्रवार को भागलपुर से रवाना होगी.
क्यों इतनी महत्वपूर्ण हो गई है यह ट्रेन? (कोटा कनेक्शन)
अमृत भारत एक्सप्रेस की इतनी भारी डिमांड के पीछे इसका खास रूट सबसे बड़ी वजह है:
- कोटा जंक्शन पर ठहराव: भागलपुर से अहमदाबाद जाने के क्रम में यह ट्रेन शिक्षा नगरी 'कोटा' स्टेशन पर रुकेगी.
- छात्रों को बड़ी राहत: भागलपुर और आसपास के जिलों के हजारों बच्चे मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कोटा में रहते हैं. उनके लिए यह ट्रेन एक बड़ी सौगात है.
- अंग एक्सप्रेस का विकल्प: अभी तक भागलपुर से कोटा जाने के लिए केवल 'अंग एक्सप्रेस' (भागलपुर-बेंगलुरु) ही एकमात्र सहारा थी, जो हर बुधवार को चलती है, लेकिन उसमें कंफर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन होता है.
बिना AC के भी फुल डिमांड, जानें कोच की डिटेल्स
सबसे हैरानी की बात यह है कि अमृत भारत एक्सप्रेस में कोई वातानुकूलित (AC) डिब्बा नहीं है, फिर भी इसकी मांग चरम पर है. ट्रेन की संरचना इस प्रकार है:
- कुल डिब्बे: 22
- शयनयान (Sleeper): 11 कोच
- सामान्य (General): 8 कोच
- पेंट्री कार (भोजनयान): 1 कोच
- SLRD डिब्बे: 2 कोच
आम लोगों और छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाई गई इस नॉन-एसी 'पुश-पुल' ट्रेन ने चलने से पहले ही रेलवे के बुकिंग रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
