भागलपुर जिले के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध बाबा भूतनाथ मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर नगर निगम की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता उजागर हुई है. जिस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं, उसके मुख्य द्वार को नगर निगम ने खुलेआम कचरा डंपिंग यार्ड बना दिया है. इससे धार्मिक आस्था आहत हो रही है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है.
नाक बंद कर मंदिर जाने को मजबूर श्रद्धालु
धार्मिक स्थल के रास्ते पर लगे कचरे के अंबार के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ रहा है:
- आस्था और पवित्रता पर चोट: मंदिर में प्रवेश करने से पहले ही श्रद्धालुओं को दुर्गंध और गंदगी से होकर गुजरना पड़ रहा है.
- संक्रमण का खतरा: भीषण गर्मी और नमी के बीच जमा कचरे से मक्खियां और जहरीले कीड़े पनप रहे हैं, जिससे आसपास के इलाकों में संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है.
सावन माह से पहले उभरा असंतोष
आगामी सावन मास को लेकर भी स्थानीय लोग काफी चिंतित हैं. सावन की हर सोमवारी को इस ऐतिहासिक मंदिर में हजारों की संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक के लिए उमड़ते हैं. ऐसे समय में मुख्य द्वार पर कचरे का अंबार निगम प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
स्थानीय लोगों ने नगर निगम से तीखे सवाल पूछे हैं:
- क्या नगर निगम के पास कचरा निस्तारण (Garbage Disposal) के लिए कोई निर्धारित डंपिंग यार्ड नहीं है?
- किसी धार्मिक स्थल के मुख्य मार्ग को कचरा प्वाइंट बनाने की अनुमति किसने दी?
- श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ पर जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों हैं?
सफाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है. लोगों का कहना है कि यदि अविलंब बाबा भूतनाथ मंदिर मार्ग से कचरे का उठाव नहीं कराया गया और इस स्थान को पूर्णतः 'कूड़ा मुक्त क्षेत्र' घोषित नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
