भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिर्पोट: स्मार्ट सिटी भागलपुर को गंदगी और कचरे के ढेर से मुक्ति दिलाने के लिए स्थानीय युवा आलोक राज ने मोर्चा खोल दिया है. शहर के लाजपत पार्क गेट पर आलोक अपने कुछ सहयोगियों के साथ 21 दिवसीय आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. आलोक का कहना है कि जब तक शहर की सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा.
गंदगी से आम आदमी बेहाल, सिर्फ नमक-पानी पर रहेंगे आलोक
अनशनकारी आलोक राज ने बताया कि भागलपुर में कचरा प्रबंधन की स्थिति बेहद दयनीय है. शहर के हर कोने में कचरे का अंबार लगा रहता है, जिससे आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है. उन्होंने कहा, “सक्षम लोग तो गंदगी से बचने के संसाधन जुटा लेते हैं और बीमार होने पर बड़े अस्पतालों में इलाज करा लेते हैं, लेकिन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार इस गंदगी के कारण अपनी गाढ़ी कमाई अस्पतालों में लुटा रहे हैं.” आलोक ने संकल्प लिया है कि वे 21 दिनों तक सिर्फ नमक और पानी का सेवन करेंगे.
सोशल मीडिया पर मांगा समर्थन, प्रशासन को दी सूचना
आलोक ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहर के युवाओं, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों से इस मुहिम से जुड़ने की भावुक अपील की है. उन्होंने बताया कि अनशन पर बैठने से पूर्व उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को लिखित सूचना दे दी है. उन्हें उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी इस जनहित के मुद्दे पर संज्ञान लेंगे और शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए सकारात्मक आश्वासन के साथ धरातल पर काम करेंगे.
स्वच्छ भागलपुर हमारा अधिकार
अनशन स्थल पर समर्थकों का उत्साह देखते बन रहा है. आलोक का मानना है कि ‘स्वच्छ भागलपुर, सुंदर भागलपुर’ प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसे पाने के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. अब देखना यह होगा कि नगर निगम और जिला प्रशासन इस आंदोलन के बाद सफाई व्यवस्था को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है. फिलहाल, एक युवा का यह त्याग शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
