Bhagalpur Pirpainti Power Plant: पीरपैंती में अदाणी ग्रुप के पावर प्लांट निर्माण का ग्रामीणों ने किया समर्थन, ब्लॉक ऑफिस में जनसुनवाई

Bhagalpur Pirpainti Power Plant: भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड में प्रस्तावित 2400 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट को लेकर ब्लॉक कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की गई. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने परियोजना का समर्थन किया और रोजगार व विकास की उम्मीद जताई. अदाणी ग्रुप ने पर्यावरण सुरक्षा और स्थानीय विकास को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

Bhagalpur Pirpainti Power Plant: अदाणी ग्रुप की ओर से बिहार में भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड में प्रस्तावित 2400 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के निर्माण को लेकर गुरुवार को प्रखंड कार्यालय में पर्यावरणीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया. इस जनसुनवाई में विभिन्न पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने परियोजना के समर्थन में हाथ उठाकर अपनी सहमति दी.

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने की जनसुनवाई

यह जनसुनवाई बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए. जनसुनवाई के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी अपेक्षाएं साझा कीं.

रोजगार और विकास की उम्मीदों के साथ समर्थन

ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि पावर प्लांट की स्थापना से पीरपैंती क्षेत्र में चहुंमुखी विकास होगा. स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा. वक्ताओं ने कहा कि यह परियोजना पीरपैंती को रोजगार का पावर हाउस बना सकती है.

बिहार के औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

जनसुनवाई में वक्ताओं ने कहा कि यह पावर प्लांट न केवल पीरपैंती बल्कि पूरे बिहार की औद्योगिक और आर्थिक विकास यात्रा को नई दिशा देगा. ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से राज्य में उद्योगों को मजबूती मिलेगी और विकास की रफ्तार तेज होगी. ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना बताया.

अधिकारियों ने की जनसुनवाई की अध्यक्षता

जनसुनवाई की अध्यक्षता भागलपुर के अपर जिला अधिकारी (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन एवं बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्राधिकारी शंभुनाथ झा ने की. अधिकारियों ने सभी वक्ताओं की बातों को गंभीरता से सुना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जनसुनवाई को संपन्न कराया.

पर्यावरण सुरक्षा को लेकर दी गई जानकारी

इस अवसर पर अदाणी समूह के वरीय पर्यावरण पदाधिकारी आर. एन. शुक्ला ने पावर प्लांट से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि परियोजना में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जाएगा. उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और हरित क्षेत्र विकास से जुड़े उपायों की भी जानकारी दी.

ग्रामीणों ने रखी अपनी अपेक्षाएं

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने पर्यावरण सुरक्षा, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास की मांग रखी. परियोजना प्रबंधन की ओर से इन मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया.

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बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

मुख्य वक्ताओं में प्रमुख रश्मि कुमारी, मुखिया मानिकपुर अरविन्द साह, पूर्व विधायक रामविलास पासवान, समाजसेवी मुन्ना सिंह, मुखिया संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार झुम्पा, संजीवनी गंगा एनजीओ के संस्थापक मो. अयाज, जमीनदाता सुशील सिंह, हरिणकोल सरपंच बरुण गोस्वामी, मुखिया पीरपैंती गुलफसां परवीन सहित कई ग्रामीणों ने अपनी राय रखी. कार्यक्रम में एसडीएम कहलगांव सी गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार, अंचलाधिकारी चन्द्रशेखर कुमार, बीडीओ अभिमन्यु कुमार, एसएचओ नीरज कुमार और अदाणी पावर के अधिकारी भी उपस्थित रहे.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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