भागलपुर जिले के बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत सन्हौली गांव में 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी रेशमा खातून की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मृतका का शव उसके ससुराल के कमरे में बेड पर संदिग्ध हालत में पड़ा मिला.
घटना के तुरंत बाद ससुराल पक्ष के सभी सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए. मृतका की मां हाजरा खातून ने पति मो. सोहेल और उसके परिजनों पर दहेज के लिए रेशमा की गला घोंटकर व मारपीट कर हत्या करने का सीधा आरोप लगाया है.
मायके पक्ष ने यह भी आरोप लगाकर सबको चौंका दिया कि रेशमा के पिता की जनवरी में पोखरे से मिली लाश का रहस्य भी इसी परिवार से जुड़ा है.
नाबालिग उम्र में भागकर की थी शादी, परिवार था खिलाफ
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सन्हौली निवासी स्वर्गीय मो. अफरोज की 14 वर्षीय पुत्री रेशमा खातून ने करीब एक वर्ष पहले अपने पड़ोस में रहने वाले मो. सोहेल (पिता स्वर्गीय नसीम) के साथ प्रेम-प्रसंग के चलते घर से भागकर निकाह कर लिया था.
शादी के लगभग पांच माह बाद दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे थे. रेशमा के परिजन नाबालिग उम्र में हुई इस शादी के शुरू से ही कड़े विरोध में थे, जिसके चलते रेशमा का मायके आना-जाना पूरी तरह बंद था.
दहेज के लिए लगातार प्रताड़ना, पिता की मौत पर भी उठाए सवाल
मृतका की मां हाजरा खातून ने बिलखते हुए बताया कि रेशमा जब भी कभी छिपते-छिपाते मायके आती थी, तो वह ससुराल में मिलने वाली शारीरिक और मानसिक यातनाओं का रो-रोकर जिक्र करती थी. ससुराल वाले उस पर मायके से दहेज और नकदी लाने का लगातार दबाव बना रहे थे. आर्थिक तंगी के कारण मायके वाले उनकी मांगें पूरी करने में असमर्थ थे.
हाजरा खातून ने यह भी संगीन आरोप लगाया कि दामाद सोहेल अक्सर रेशमा को धमकाता था कि 'जिस तरह उसने उसके पिता अफरोज को ठिकाने लगा दिया और पुलिस कुछ नहीं बिगाड़ सकी, उसी तरह एक दिन उसे भी जान से मार देगा.'
उल्लेखनीय है कि इसी साल जनवरी माह में रेशमा के पिता अफरोज का शव गांव के एक पोखर से संदिग्ध हालत में बरामद हुआ था, जिसे अब परिजन सोहेल और उसके परिवार द्वारा की गई सुनियोजित हत्या करार दे रहे हैं.
बेड पर पड़ा मिला शव, शरीर पर मिले गंभीर चोटों के निशान
मंगलवार को जब मायके पक्ष को रेशमा की मौत की सूचना मिली, तो वे बदहवास हालत में ससुराल पहुंचे. वहां घर के सभी सदस्य ताला खुला छोड़कर पहले ही फरार हो चुके थे. कमरे के अंदर बेड पर रेशमा का शव पड़ा था.
परिजनों ने देखा कि रेशमा की कनपटी, कान के पास और गले पर गहरे काले निशान और खरोंचें थीं. शरीर के बाएं हिस्से में गंभीर चोट के निशान साफ नजर आ रहे थे, जिससे आशंका जताई जा रही है कि बेरहमी से पिटाई के बाद उसका गला दबाया गया है.
मां ने शमीम, आजम, काजामा, शाइना, बीबी हाजरा खातून और रोजी पर मिलकर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया है. हालांकि घटना के समय मुख्य आरोपी पति सोहेल बेंगलुरु में रहकर मजदूरी कर रहा था, लेकिन परिजनों का कहना है कि यह पूरी साजिश उसी के इशारे पर रची गई है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
घटना की सूचना मिलते ही बाईपास थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया. बुधवार को पुलिस अभिरक्षा में शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए मायके वालों को सौंप दिया गया.
बाईपास थाना पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां के बयान के आधार पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करने की विधिक प्रक्रिया चल रही है. पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों (हैंगिंग, गला घोंटना या आंतरिक चोट) का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा.