सीएमएस स्कूल के सामने पुलिया निर्माण के लिए बनने लगा एस्टिमेट

भागलपुर : आदमपुर स्थित सीएमएस हाइ स्कूल के ठीक सामने डेढ़ दशक पुरानी जर्जर पुलिया को तोड़ कर नये सिरे बनाने की कवायद शुरू हो गयी है. पथ निर्माण विभाग कार्य प्रमंडल, भागलपुर द्वारा एस्टिमेट तैयार होने लगा है. जल्द ही एस्टिमेट को स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा जायेगा. पुलिया निर्माण पर 40 लाख के […]

भागलपुर : आदमपुर स्थित सीएमएस हाइ स्कूल के ठीक सामने डेढ़ दशक पुरानी जर्जर पुलिया को तोड़ कर नये सिरे बनाने की कवायद शुरू हो गयी है. पथ निर्माण विभाग कार्य प्रमंडल, भागलपुर द्वारा एस्टिमेट तैयार होने लगा है. जल्द ही एस्टिमेट को स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा जायेगा. पुलिया निर्माण पर 40 लाख के करीब राशि खर्च होगी.

पिछले दिनों जिलाधिकारी की बैठक में पूछे जाने पर कार्यपालक अभियंता ने मार्च में पुलिया निर्माण कराने की बात कही थी. इधर, विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रभा शंकर कोकिल ने जर्जर पुलिया का निरीक्षण किया गया.

वहीं, उन्होंने मानिक सरकार चौक से अदमपुर के बीच पीसीसी सड़क का निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित कांट्रैक्टर को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है. साथ ही निर्देशित किया है कि हर हाल में फरवरी तक सड़क बनाकर तैयार करे. कांट्रैक्टर ने विभागीय अधिकारी को आश्वस्त कराया है कि फरवरी तक में सड़क का निर्माण कार्य पूरा होगा.

दो शिफ्ट में शुरू हुआ काम : कांट्रैक्टर ने सड़क का निर्माण दो शिफ्ट में कराने लगा है. काम में तेजी लाने और समय से सड़क बना कर तैयार करने के लिए मैनपावर व संसाधन बढ़ा दिया है. कांट्रैक्टर के इंजीनियर के अनुसार एक दिन में 50 मीटर तक सड़क बनायी जा रही है. इस हिसाब से फरवरी तक में सड़क बनकर तैयार हो जायेगी.

पुलिया के ऊपर छोड़ कर बनेगी सड़क: मानिक सरकार चौक से आदमपुर तक बन रही सड़क अब पुलिया के ऊपर जगह छोड़ा जायेगा. ताकि पुलिया को तोड़ने से नवनिर्मित सड़क तोड़ना न पड़े.

आइबी तक बनेगी पीसीसी सड़क : मानिक सरकार चौक से अब पथ निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन(आइबी) के सामने तक पीसीसी सड़क बनेगी. अभी तक आदमपुर चौक तक पीसीसी सड़क बनना तय हुआ था. आइबी तक पीसीसी सड़क बनने से आवागमन में काफी सहूलियत होगी.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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