स्क्रैच कूपन जमा करने के लिए लगी पाठकों की भीड़

भागलपुर : प्रभात खबर की ओर से रविवार को आदमपुर प्रधान कार्यालय निश्चित उपहार योजना के तहत स्क्रैच एवं बुकिंग अभियान जारी रहा. रविवार को छुट्टी का दिन देखकर नौकरी-पेशा लोगों ने कूपन स्क्रैच किया और उपहार में घरेलू सामान पाकर गदगद हो गये. प्रभात खबर अपने सुधी पाठकों के लिए उपहारों की बौछार कर […]

भागलपुर : प्रभात खबर की ओर से रविवार को आदमपुर प्रधान कार्यालय निश्चित उपहार योजना के तहत स्क्रैच एवं बुकिंग अभियान जारी रहा. रविवार को छुट्टी का दिन देखकर नौकरी-पेशा लोगों ने कूपन स्क्रैच किया और उपहार में घरेलू सामान पाकर गदगद हो गये.

प्रभात खबर अपने सुधी पाठकों के लिए उपहारों की बौछार कर रहा है. इसके तहत भाग्यशाली विजेता को पुरस्कार दिये जा रहे हैं. आदमपुर प्रधान कार्यालय समेत शहर के विभिन्न स्थानों पर प्रभात खबर बुकिंग स्टॉल लगाये गये. यहां भी लोगों ने ठंड व बूंदा-बांदी के बीच पहुंच कर एक साल के लिए प्रभात खबर की बुकिंग करायी.
ठंड में भी पहुंचे पाठक : ठंड में भी सुबह से ही कूपन जमा करने के लिए पाठकों की भीड़ लगी रही. लोग कूपन स्क्रैच कर गिफ्ट ले रहे थे. गिफ्ट पा कर पाठकों के चेहरे खिल उठे. किसी को प्लास्टिक सूप, किसी को प्लास्टिक मचिया, किसी को प्लास्टिक डलिया, किसी को चांदी के सिक्के आदि मिले.
बुकिंग योजना में लोगों को मिली ब्रांडेड बाल्टी व मग : बुकिंग योजना के तहत हर आयु वर्ग के पाठक प्रभात खबर अखबार की बुकिंग कराने पहुंचे थे. गिफ्ट मिलने के बाद पाठकों ने प्रभात खबर को शुक्रिया कहा. प्रभात खबर की ओर से प्रत्येक पाठकों को ब्रांडेड बाल्टी व मग प्रदान किया गया.
नवगछिया, जगदीशपुर, पिस्ता, सबौर, नाथनगर के सुदूर गांव के पाठकों ने भी आकर अपना कूपन फॉर्म जमा किया और निश्चित उपहार पाया. कई लोगों ने अपनी बेटी के साथ आकर कूपन स्क्रैच कराया, ताकि उनकी लक्ष्मी रूपी बेटी लकी साबित हों. बच्चे भी उपहार पाने को लेकर उत्साहित दिखे.
पाठक बोले, प्रभात खबर जरूरी खबरों के साथ देता है उपहार
प्रभात खबर की लांचिंग के बाद से ही पाठक हूं. प्रभात खबर में सबसे विश्वसनीय खबर रहती है. उपहार भी साथ में दिया जा रहा है.
आशीष बंसल, बूढ़ानाथ
दो वर्षों से प्रभात खबर का लगातार पाठक हूं. प्रभात खबर जनसरोकार की खबरें निर्भिकता से छापता है. कुछ भी अंधेरे में नहीं रखता है.
शनि, अलीगंज
प्रभात खबर में सबकुछ अच्छा है. उपहार भी पाठकों को देता है. इससे लगता है कि प्रभात खबर अपने पाठकों को लेकर सबसे ज्यादा गंभीर अखबार है.
नीरज गुप्ता, काजीचक
प्रभात खबर में सुरभि अंक बहुत अच्छा लगता है. साथ ही विद्यार्थियों से संबंधित अवसर व कैंपस पेज आते हैं. इसमें सारी जानकारी मिलती है.
निशा व बॉबी, कोयलाघाट
प्रभात खबर का नियमित पाठक हूं. चांदी का सिक्का मिलने से खुशी हो रही है. डीपीएस का छात्र हूं. अखबार में विद्यार्थियों के लिए भी बहुत कुछ रहता है.
अंशुमन अंशु, रजंदीपुर

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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