नो इंट्री दिलाने के लिए जीआर इंफ्रा ने लिखा एनएच विभाग को
भागलपुर : बाइपास रोड का मरम्मत कराने के लिए तैयार जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट अब पीछे हट गया है. कार्य एजेंसी का कहना है कि भारी व ओवरलोड वाहनों के बीच रोड का मरम्मत करना मुमकिन नहीं है. उन्हें जब तक सात दिन 24 घंटे नो इंट्री नहीं मिलेगी, तो रोड का मरम्मत नहीं हो सकेगा.
इसके लिए उन्होंने एनएच विभाग को पत्र लिख कर नो इंट्री दिलाने की मांग की है. नो इंट्री मिला तो रोड दुरुस्त होगा, वरना स्थिति और खराब होती चली जायेगी. 200.70 करोड़ की लागत से जिरोमाइल से दोगच्छी के बीच 16.73 किमी लंबी बाइपास रोड बनी है.
जर्जर रोड, फिर भी ओवरलोड वाहनों के चलने में कमी नहीं आयी : बाइपास रोड काफी जर्जर हो गया है. रोड की हालत दिनों-दिन बिगड़ती ही जा रही है. बावजूद, इसके ओवरलोड वाहनों के चलने में कोई कमी नहीं आयी है. जीआर इंफ्रा का मामना है कि वाहनों के लोड के हिसाब से बाइपास रोड का डिजाइन बना और इसका निर्माण हुआ है मगर, वर्तमान समय में इस पर अप्रत्याशित लोड बढ़ गया है.
गड्ढों की वजह से दुर्घटना की बनी रहती आशंका : बाइपास रोड पर आेवरलोड वाहनों के चलने से गड्ढे बन गये हैं. गड्ढों की वजह से मार्ग पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. इस रोड पर अभी तक जितनी दुर्घटनाएं हुई है, उसमें से ज्यादातर का कारण गड्डा ही रहा है.
गड्ढों से बचने के लिए गाड़ियां आड़ी-तिरछी हो जा रही, जिससे जाम लग रहा है. वहीं, गाड़ियां की रफ्तार भी 40 किमी प्रति घंटे से ज्यादा बढ़ नहीं पा रही है. रोड में बने गड्ढे के पास पत्थर और कंक्रीट फैलने से आये दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं.
