बिना कंबल पूस में गरीब, निगम खरीद पर कर रहा चर्चा-परिचर्चा

पार्षदों ने भी साध ली है चुप्पी भागलपुर : पिछले कई वर्षों से नगर निगम में ठंड गुजर जाने के बाद कंबल की खरीद की जाती है. इस बार भी यही स्थिति है, जिससे शहर के विभिन्न वार्डों में बसे गरीबों को बिना कंबल पूस की रात गुजारनी पड़ रही है. नगर निगम में अभी […]

पार्षदों ने भी साध ली है चुप्पी

भागलपुर : पिछले कई वर्षों से नगर निगम में ठंड गुजर जाने के बाद कंबल की खरीद की जाती है. इस बार भी यही स्थिति है, जिससे शहर के विभिन्न वार्डों में बसे गरीबों को बिना कंबल पूस की रात गुजारनी पड़ रही है. नगर निगम में अभी कंबल खरीद को लेकर चर्चा और परिचर्चा चल ही रही है. इतना ही नहीं पार्षदों ने भी चुप्पी साध ली है.
कंबल खरीद को लेकर सामान्य बोर्ड में मिल चुका है प्रस्ताव : कंबल खरीद को लेकर सामान्य बोर्ड में प्रस्ताव पारित हो चुका है. फिर भी कंबल खरीद की तैयारी शुरू नहीं हुई है. कंबल खरीद को लेकर नगर निगम के शाखा प्रभारी व अन्य पदाधिकारी कुछ कहने से बच रहे हैं.
जैम पोर्टल व सीधे बाजार से कंबल खरीद को लेकर फंसा है पेच : नगर निगम में इस बात की चर्चा है कि कंबल खरीद एक ही पेच है कि जैम पोर्टल से खरीदें या सीधे बाजार से. इस पर ठाेस निर्णय नहीं लिया जा सका. स्वास्थ्य शाखा प्रभारी मो रेहान ने बताया कि तीन दिन के बाद नगर आयुक्त आयेंगी तभी कंबल खरीद को लेकर कुछ कहा जा सकता है. सस्ते दर पर अच्छा कंबल खरीदने को लेकर चर्चा चल रही है.
अलाव की भी व्यवस्था नहीं : ठंड शुरू होने के बाद भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है. नगर निगम के पदाधिकारियों का मानना है कि कोहरा शुरू होगा तभी लकड़ी की व्यवस्था की जायेगी. अभी ठंड कम है. शहरवासियों का कहना है कि नगर निगम सड़क किनारे ठंड से ठिठुर कर गरीब राहगीरों के मरने का इंतजार कर रही है. जबकि मौसम विभाग ने अलर्ट घोषित कर दिया है कि ठंड के आगोश में पूरा शहर आ जायेगा. इसका दस्तक मिल चुका है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. भागलपुर में विकसित होंगी राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, धोनी और ईशान किशन की राह पर निकलेंगे नये सितारे

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

यह भी पढ़ें >