भागलपुर : जिले में ठंड का असर शुरू हो चुका है. बावजूद शहर में सात रैन बसेरा को अबतक यात्रियों को ठहराने के लिए तैयार नहीं किया गया है. रैन बसेरा के संचालक यहां लोगों को रात में ठहराने की बजाय इसे किराये पर संचालित कर रहे हैं. जबकि मेहनत मजदूरी करने वाले बेसहारा व गरीब सड़क पर सोने को मजबूर हैं.
वहीं सड़क किनारे आग जलाकर सर्द रात को काट रहे हैं. यह सच्चाई तब सामने आई, जब प्रभात खबर टोली ने शहर के दो रैन बसेरा में मंगलवार देर रात को पहुंचकर पड़ताल की. कोतवाली थाना के निकट एक रैन बसेरा में पहुंचने के बाद यहां पर संचालक नजर नहीं आया. वहीं रैन बसेरा के आधे हिस्से में प्लाइबोर्ड से घेराबंदी कर इसे किराये पर लगा दिया गया है. कमरे के ऊपरी हिस्से पर झांकने के बाद इसमें फलों की पेटियां रखी नजर आयी.
आसपास के लोगों ने बताया कि यहां पर लोगों को कब ठहराया गया है, उन्हें याद नहीं. बता दें कि कोतवाली स्थित रैनबसेरा के ठीक सामने एक महिला सड़क किनारे सोई हुई मिली. प्रभात खबर टोली ने घंटाघर के पास स्थित रैन बसेरा की पड़ताल की. पहले फ्लोर पर स्थित रैन बसेरा में ताला लगा हुआ मिला. वहीं यहां पर कोई भी संचालक नजर नहीं आया.
