सुलतानगंज रेल चौकी बनेगा थाना कहलगांव में पुलिस केंद्र : डीआइजी

भागलपुर : सुलतानगंज पुलिस चौकी को रेल थाना और कहलगांव अपराध नियंत्रण केंद्र को पुलिस केंद्र की रूप तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. बांका स्टेशन पर भी जल्द ही रेल पुलिस पिकेट खुलेगा. ये बातें रेल डीआइजी उमाशंकर प्रसाद ने कहीं. वे यात्री सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लेने भागलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे. […]

भागलपुर : सुलतानगंज पुलिस चौकी को रेल थाना और कहलगांव अपराध नियंत्रण केंद्र को पुलिस केंद्र की रूप तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. बांका स्टेशन पर भी जल्द ही रेल पुलिस पिकेट खुलेगा. ये बातें रेल डीआइजी उमाशंकर प्रसाद ने कहीं. वे यात्री सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लेने भागलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे.

इस दौरान रेल डीआइजी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा में किसी भी हाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. रेल थानों में पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गयी है. महिला पुलिस जवानों की तैनाती की गयी है. स्टेशनों और ट्रेनों की सुरक्षा और सख्त की जायेगी.
उन्होंने रेल थाना के पुलिस कर्मियों के कार्यों की समीक्षा की. निरीक्षण के पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. लंबित कांड संबंधित फाइलों को देखा और लंबित कांडों के जल्द निष्पादन का निर्देश दिया. इस दौरान उन्होंने शस्त्रागार और बैरक के बारे में भी जानकारी ली.
अच्छा काम करने वाले कर्मी होंगे पुरस्कृत: उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत किया जायेगा, साथ ही कार्य में कोताही बरतने वालों पर कार्रवाई की जायेगी. नया थाना बनने का प्रस्ताव है, नया थाना बनेगा. नये थाना आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. उन्होंने निर्देश दिया कि प्लेटफॉर्म पर गश्ती और तेज करें. उनके निरीक्षण को लेकर अन्य दिनों की अपेक्षा पुलिस अधिकारी से लेकर पुलिस बल के जवान काफी चौकस और मुस्तैद दिखे.
डीआइजी बोले, यात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही किसी हाल में बर्दाश्त नहीं, रेलवे स्टेशन पर गश्ती बढ़ायें
बांका स्टेशन पर भी जल्द शुरू होगी रेल पुलिस पिकेट बनाने की प्रक्रिया, स्टेशन पर बढ़ेगी सुरक्षा व्यवस्था
अमरनाथ एक्सप्रेस 21 व 28 को रहेगी रद्द
भागलपुर : जम्मूतवी को जाने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस 21 व 28 नवंबर को रद्द रहेगी. जम्मूतवी से भागलपुर आने वाली ट्रेन 19 और 26 नवंबर को नहीं चलेगी. रेलवे ने ट्रेन के रद्द रखने से संबंधित नोटिफिकेशन रेलवे ने जारी कर दिया है.
किऊल के पास मालगाड़ी बेपटरी तीन घंटे परिचालन रहा अस्त-व्यस्त किऊल के पास एक मालगाड़ी बेपटरी हो गयी. इस कारण तीन घंटे ट्रेन का परिचालन अस्त-व्यस्त रहा, इसका असर भागलपुर आने वाली ट्रेनों पर भी पड़ा.
इंटरसिटी सहित आधा दर्जन ट्रेनें विलंब से भागलपुर पहुंची. सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस तीन घंटे, अजमेर-भागलपुर एक्सप्रेस 10 घंटे, आनंद विहार टर्मिनल-मालदा एक्सप्रेस नौ घंटे, अपर इंडिया एक्सप्रेस पांच घंटे, भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी दो घंटे सहित ब्रह्मपुत्र मेल का चार घंटे विलंब से परिचालन हुआ. यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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