कई कोर्स बंद, अब 11वीं में एक बार फिर व्यावसायिक पढ़ाई का निर्देश

भागलपुर : सरकारी हाइस्कूलों में कई व्यावसायिक कोर्स बंद होने के बाद एक बार फिर शिक्षा विभाग ने जिले के किसी एक प्लस टू स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2020-21 से रोजगारपरक कोर्स शुरू करने की अनुमति दी है. इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी गयी है. यह कोर्स नेशनल वोकेशनल एजुकेशन क्वालिटी फ्रेमवर्क के […]

भागलपुर : सरकारी हाइस्कूलों में कई व्यावसायिक कोर्स बंद होने के बाद एक बार फिर शिक्षा विभाग ने जिले के किसी एक प्लस टू स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2020-21 से रोजगारपरक कोर्स शुरू करने की अनुमति दी है. इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी गयी है.

यह कोर्स नेशनल वोकेशनल एजुकेशन क्वालिटी फ्रेमवर्क के तहत संचालित किया जायेगा. व्यावसायिक कोर्स करने के बाद छात्र-छात्राएं अपने पैरों पर तत्काल खड़े हो सकेंगे. शिक्षा विभाग ने आगामी शैक्षणिक सत्र से व्यावसायिक शिक्षा अंतर्गत पांच ट्रेडों की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया है.
इनमें सुरक्षा, ब्यूटिशियन, टूरिज्म, रिटेल मैनेजमेंट व ऑटोमोबाइल का अध्यापन शामिल है. सरकार का इन विषयों को 12वीं स्तर पर शुरू करने का उद्देश्य छात्र-छात्राओं का कौशल संवर्धन व दक्षता का विकास कर उन्हें रोजगारोन्मुख बनाना और विभिन्न आर्थिक व उत्पादक क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित कर्मी उपलब्ध कराना है.
पूर्व में शुरू किये गये व्यावसायिक कोर्स बेहाल : जिला स्कूल, राजकीय बालिका इंटर स्कूल, मारवाड़ी पाठशाला, नवगछिया इंटर स्कूल, टीएनबी कॉलेजिएट में व्यावसायिक कोर्स का संचालन वर्षों पूर्व शुरू किया गया था.
यहां रेडियो, टीवी टेक्निकल पेपर, टेक्सटाइल एंड डिजाइन, हेल्थकेयर एंड ब्यूटीकल्चर, सेरिकल्चर, इलेक्ट्रॉनिक्स डोमेस्टिक एप्लियांसेस आदि कोर्स चलाये जाते थे, लेकिन कोर्स को शिक्षकों की कमी झेलना पड़ा. शिक्षकों की कमी से पढ़ाई बाधित होती रही और छात्र घटते चले गये. आखिरकार स्कूलों में व्यावसायिक कोर्स ठप होने की स्थिति में पहुंच गया.
कंप्यूटर कोर्स भी हो गये बंद : जिले के हाइस्कूलों में 27 कंप्यूटर शिक्षक नियुक्त हैं. बावजूद इसके बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा नहीं मिल रही है. इन शिक्षकों को सरकार के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने नियोजित किया था. प्लस टू स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षक के 36 पद स्वीकृत हैं.
इसके मुकाबले 27 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति है. फिर भी सारे कंप्यूटर वर्षों से शट डाउन हैं. बच्चों को आइटी (इंफाॅरमेशन टेक्नोलॉजी) के क्षेत्र में सक्षम बनाने के लिए जिले के 38 हाइस्कूलों में तकरीबन दो करोड़ की लागत से 418 कंप्यूटर सेट इंस्टॉल किये गये थे. सारे कंप्यूटर पिछले दो साल से शट डाउन (बंद) हैं. शिक्षक इस कक्षा के प्रति रुचि नहीं लेते और विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >