अब साल बीतने के बाद निगम को आयी याद, सीओ से पूछा, कहां तक है कनकैथी कूड़ा डंपिंग यार्ड की जमीन
भागलपुर : कनकैथी गांव के पास जिस जमीन पर नगर निगम पिछले कई महीनों से कूड़ा गिराता रहा है, उसकी सीमा कहां तक है, यह नगर निगम प्रशासन को आज भी पता नहीं है. अब तक जहां-तहां कूड़ा गिराने में दर्जनों पेड़ जल-सूख गये. अब कनकैथी कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में चहारदीवारी बनाने की नौबत आयी, […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
भागलपुर : कनकैथी गांव के पास जिस जमीन पर नगर निगम पिछले कई महीनों से कूड़ा गिराता रहा है, उसकी सीमा कहां तक है, यह नगर निगम प्रशासन को आज भी पता नहीं है. अब तक जहां-तहां कूड़ा गिराने में दर्जनों पेड़ जल-सूख गये. अब कनकैथी कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में चहारदीवारी बनाने की नौबत आयी, तो जमीन के सीमांकन से संबंधित दस्तावेज ढूंढ़े गये.
वह उपलब्ध नहीं पाया गया, तो नगर निगम प्रशासन का तनाव बढ़ गया. आखिर में नगर आयुक्त ने जगदीशपुर के अंचल पदाधिकारी सोनू भगत को पत्र लिख कर मदद मांगी. सीओ को निगम ने लिखा है कि उक्त जमीन की मापी करा दीजिए, ताकि उस पर चहारदीवारी कर जमीन को सुरक्षित किया जा सके.
30 सितंबर को एनजीटी करेगा ठोस कूड़ा प्रबंधन पर सुनवाई : एनजीटी न्यायालय में 30 सितंबर को सुनवाई तय है. इसमें मुख्य सचिव को भाग लेना है.
इस अवधि से पहले निकाय को कचरे का पृथक्कीरण करवाते हुए संग्रहण और प्रसंस्करण करना है. 15 मार्च को पारित आदेश के अनुसार यह कार्रवाई छह माह में पूरी होनी है. इसको लेकर आदर्श आचार संहिता भी अड़चन के तौर पर नहीं था.
बिना मापी की जमीन पर 10 महीने से कूड़ा गिरा रहा निगम
यह भी रोचक है कि जमीन के ट्रांसफर होते ही इसके सीमांकन पर काम शुरू हो जाना चाहिए. 10 महीने से संबंधित जमीन पर कूड़ा गिराना शुरू हो गया. अब आसपास के लोगों के विराेध के स्वर उठने से निगम को सीमांकन व चहारदीवारी की याद आ गयी.