जेल सिपाही रंजय निलंबित, आयुष सिंह से पूछताछ को सेंट्रल जेल पहुंची एसआइटी

भागलपुर : कुख्यात सजायाफ्ता कैदी विकास झा के मायागंज अस्पताल कैदी वार्ड से फरार होने के मामले में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किये गये रंजय कुमार मंडल को जेल अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है. इधर, विकास झा की फरारी मामले में गिरफ्तार आयुष सिंह से पूछताछ के लिए एसआइटी शनिवार को जुब्बा सहनी […]

भागलपुर : कुख्यात सजायाफ्ता कैदी विकास झा के मायागंज अस्पताल कैदी वार्ड से फरार होने के मामले में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किये गये रंजय कुमार मंडल को जेल अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है. इधर, विकास झा की फरारी मामले में गिरफ्तार आयुष सिंह से पूछताछ के लिए एसआइटी शनिवार को जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा पहुंची. जहां से पूछताछ के बाद एसआइटी सोमवार को मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हो गयी.

अबतक की जांच में आयुष के स्वीकारोक्ति बयान में जिन अन्य आरोपितों का नाम आया है, उनका सत्यापन नहीं हो सका है. आशंका जतायी जा रही है विकास फरारी के मामले में आयुष की गिरफ्तारी भागने की योजना का ही हिस्सा है. हालांकि पुलिस ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एसटीएफ का सहयोग मांगा है.
19 अगस्त को कैदी वार्ड से कुख्यात कैदी विकास को रंजय कुमार मंडल की मदद से पैसे लेकर भगाया गया था. आयुष के बयान में रंजय कुमार मंडल का नाम आने के बाद उसे भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
जिसके बाद जेल प्रशासन ने अपने स्तर से मामले की जांच की. जिसके बाद जेल अधीक्षक रूपक कुमार द्वारा रंजय कुमार मंडल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर इसकी रिपोर्ट कारा मुख्यालय को भेजकर रंजय पर जांच चलाने की मांग की गयी.
मामले में आयुष ने मुजफ्फरपुर के ठेकेदार अमित झा के इशारे पर विकास को भगाने की बात कही. साथ ही आकाश द्वारा इस काम को अंजाम देने की बात कही गयी. अब तक की जांच में न तो ठेकेदार अमित झा नाम के किसी व्यक्ति का पता चला और न ही किसी आकाश नाम के लड़के की ही जानकारी मिल सकी.
कहीं भागने के मामले की योजना का हिस्सा तो नहीं आयुष की गिरफ्तारी: मामले की जांच कर रही एसआइटी को जांच के क्रम में पता चला है कि विकास के भागने के चार-पांच मिनट बाद कैदी वार्ड के सुरक्षाकर्मी हरकत में आये.
इस दौरान कैदी वार्ड से भागने के बाद विकास समेत आयुष भी आराम से वहां से भाग सकता था. लेकिन वह वहीं रह गया. इससे आशंका जतायी जा रही है आयुष को योजना के हिस्से के तहत को पुलिस से गिरफ्तार तो नहीं कराया गया, ताकि वह पुलिस को गुमराह कर सके.

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