भागलपुर : भागलपुर को मोकामा व फरक्का से जोड़ने वाली एनएच 80 की रोड से होकर गुजरना काफी मुश्किलों भरा सफर हो चुका है. सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे से यह कीचड़मय हो गया है. पूरे क्षेत्र के लोग जर्जर सड़क की मुसीबत झेलने लगे हैं.
दरअसल, घोरघट से लेकर मिरजाचौकी के बीच 93 किमी लंबी एनएच के कई हिस्साें की सड़क के मेंटेनेंस का डिफेक्ट लैबलिटी पीरियड(डीएलपी) साल-दो-साल पहले ही खत्म हो गया है. केवल कागजों पर निर्माण की योजनाएं बनती रहीं, इसके रखरखाव का कभी काम नहीं हुआ.
142 करोड़ के हाइवे को नहीं मिल रही मंजूरी, मंत्रालय में धूल फांक रही फाइल : हाइवे के मेंटेनेंस की अवधि पूरी होने के कुछ दिन बाद ही राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर ने घोरघट से मिरजाचौकी के बीच 93 किमी लंबी रोड निर्माण के प्रोजेक्ट को स्वीकृति के लिए भेजा.
मगर, अभी तक केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से इसे मंजूरी नहीं मिली है. प्रोजेक्ट का फाइल धूल फांक रही है. जबकि, इस प्रोजेक्ट के कई कार्यों का मंत्रालय ने काट दिया है.
फिर भी फाइल दबा कर रखी है. 142 करोड़ के करीब इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाये, तो घोरघट से मिरजाचौकी के बीच नये सिरे से हाइवे का निर्माण मुमकिन होगा. इसमें शहरी क्षेत्र की पीसीसी सड़क पर मास्टिक रोड निर्माण का कार्य भी शामिल है.
जानें, हाइवे के किस हिस्से की कब खत्म हुई मेंटेनेंस की अवधि
अकबरनगर से स्टेशन चौक :
लंबाई : 12 किमी
मेंटेनेंस की अवधि खत्म : जून, 2018
हाइवे बनाने वाला कांट्रैक्टर : निरंजन शर्मा
लागत : 3.75 करोड़ रुपये
स्टेशन से इंजीनियरिंग कॉलेज :
लंबाई : 07 किमी
मेंटेनेंस की अवधि खत्म : मई 2017
हाइवे बनाने वाला कांट्रैक्टर : बादल युवराज
लागत : 10.59 करोड़ रुपये
पीरपैंती से मिरजाचौकी :
लंबाई : 10 किमी
मेंटेनेंस की अवधि खत्म : मई 2017
हाइवे बनाने वाला कांट्रैक्टर : बाबा प्रोजेक्ट
लागत : 08.57 करोड़ रुपये
पीरपैंती-मिरजाचौकी हाइवे निर्माण का फाइनेंसियल बिड खुलेगा 18 को
पीरपैंती से मिरजाचौकी के बीच हाइवे निर्माण का फाइनेंसियल बिड का टेंडर 18 जुलाई को खुलेगा. टेक्निकल बिड खुल चुका है और इसे मंजूरी भी मिल चुकी है. दो कांट्रैक्टर ने टेंडर डाला है. फाइनेंसियल बिड में सफल कांट्रैक्टर को काम कराने की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी. हाइवे के निर्माण पर करीब 3.75 करोड़ खर्च होंगे. इधर, घोरघट से मिरजाचौकी के बीच हाइवे चौड़ीकरण भी कार्य होगा.
डीपीआर बनाने वाली कंसल्टेंट एजेंसी के चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनायी जा रही है. 18 जुलाई को इसका भी फाइनेंसियल बिड का टेंडर खुलेगा. जबकि, बीते शुक्रवार को ही खोले गये टेक्निकल बिड को मंजूरी मिल गयी है, जिसमें चार एजेंसियों ने टेंडर डाला है. हाइवे चौड़ीकरण पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
एनएचएआइ पर एनएच का करोड़ों रुपया बकाया, नहीं मिल रहा
एनएचएआइ पर एनएच का मेंटेनेंस राशि का 31 करोड़ रुपये बकाया है, जो नहीं मिल रहा है. दरअसल, यह हाइवे जब एनएचएआइ को हैंड ओवर हुआ था, तो उन्हें वन टाइम मेंटेनेंस कराना था. काम होने पर ही यह हाइवे एनएच को वापस हो गया.
मेंटेनेंस राशि खर्च नहीं हो सकी. हाल के कुछ दिन पहले एनएचएआइ से एनएच को जवाब मिला है कि वह केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से राशि लेकर एनएच को देगा. यह राशि अगर मिल गयी रहती, तो हाइवे की हालत कुछ हद तक सुधर जाती.
एनएच के तीन हिस्से की रोड के मेंटेनेंस का डिफेक्ट लैबलिटी पीरियड पूरा हो चुका है. एनएचएआइ को मेंटेनेंस की राशि देनी है, लेकिन वह मंत्रालय से लेगा, तभी एनएच विभाग को मिलेगा. वहीं, घोरघट से मिरजाचौकी के बीच नये सिरे से रोड निर्माण के 142 करोड़ के प्रोजेक्ट को स्वीकृति नहीं मिली है. बावजूद, इसके पीरपैंती-मिरजाचौकी के बीच काम होगा आैर टेंडर फाइनल होने के कगार पर है.
राजकुमार, कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर
