आइसीयू में भर्ती होना हुआ महंगा, पर सीने में दर्द की जांच का किट मिलेगा नि:शुल्क
भागलपुर : प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किनी की अध्यक्षता में गुरुवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक में कुल 13 एजेंडों पर चर्चा हुई और अलग-अलग निर्णय लिये गये. इनमें राहत और आफत वाले दो निर्णय अहम रहे. आफत वाला निर्णय यह रहा कि मायागंज अस्पताल में 15 साल बाद अब आइसीयू में इलाज करवाना महंगा […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
भागलपुर : प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किनी की अध्यक्षता में गुरुवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक में कुल 13 एजेंडों पर चर्चा हुई और अलग-अलग निर्णय लिये गये. इनमें राहत और आफत वाले दो निर्णय अहम रहे. आफत वाला निर्णय यह रहा कि मायागंज अस्पताल में 15 साल बाद अब आइसीयू में इलाज करवाना महंगा होगा.
आइसीयू में प्रत्येक दिन का चार्ज 200 रुपये के बदले 400 रुपये होगा. हालांकि, सरकार से प्रति दिन एक हजार रुपये करने की चिट्ठी आयी थी, लेकिन समिति ने 400 रुपये करने पर ही सहमति दी. पहले की तरह बीपीएल मरीजों को नि:शुल्क भर्ती किया जायेगा.
समिति के सदस्य सचिव सह अधीक्षक डॉ रामचरित्र मंडल ने कहा कि एक-दो दिन बाद बढ़े हुई दर पर मरीजों से आइसीयू का चार्ज वसूलेंगे. दूसरी तरफ समिति ने एक राहत वाला निर्णय हृदय रोगियों से जुड़ा है. मायागंज अस्पताल में सीने में दर्द की शिकायत को लेकर आनेवाले मरीजों को जांच किट (एसओबी पैनल मशीन) बाहर से नहीं खरीदना होगा.
करीब 1200 रुपये की कीमत वाली जांच किट का खर्चा रोगी कल्याण समिति वहन करेगा. अगले तीन महीनों के लिए सर्वे के तौर पर लागू निर्देश में सीने के दर्द वाले मरीज का आंकड़ा तैयार होगा. यह रिपोर्ट बनेगा कि सीने में दर्द की शिकायत को लेकर आये मरीज किन-किन हृदय रोग से पीड़ित हैं. रोगी कल्याण समिति की अगली बैठक में सर्वे रिपोर्ट रखी जायेगी और सदस्यों के बीच चर्चा होगी.
फिर रोगी कल्याण समिति आगे इसके जारी रहने पर निर्णय देंगे. बैठक में क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी के अलावा मायागंज अस्पताल के औषधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विनय कुमार, स्त्री व प्रसव रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ उषा कुमारी, उप अधीक्षक डॉ. असीम कुमार, डॉ केडी प्रभात, आइएमए के अध्यक्ष डॉ संजय कुमार, भवन प्रमंडल व बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे.